किनर समाज के शिकायत पर आयोग ने किया टी.आई. को किया तलब, आयोग के शिकायत पर भाई ने बहन की गहना व स्कूटी के बदले रूपये किया वापस
छत्तीसगढ़/दुर्ग :- छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने आज जिला पंचायत सभा कदा, जिला-दुर्ग (छ.ग) में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर जनसुनवाई की। छत्तीसगढ राज्य महिला आयोज की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज दुर्ग जिला की 191वीं सुनवाई हुई। दुर्ग जिले में आयोजित जन सुनवाई में कुल 39 प्रकरणों पर सुनवाई की गई।
एक प्रकरण में मिलाई महिला सहायक प्राध्यापक को वर्ष 2020 से बहाल कर दिया गया और उनको पुराना वेतन व भत्ता भी दिया गया है। आयोग ने पिछली सुनवाई में कलेक्टर दुर्ग को ट्रस्ट के अपने पजेसन में लेने का निर्देश दिया गया था। आयोग के सुनवाई के बाद वर्ष 2020 में सभी को बहाल कर दिया और सभी अपना कार्य महाविद्यालय में कर रही है एवं सभी को वेतनभत्ता भी मिल रहा है। इस वजह से प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया। आयोग ने कहा कि शिकायत का पूरा निराकरण आयोग में किया गया भविष्य में यदि परेशान किया गया तो वह दुबारा आयोग में शिकायत कर सकती है।
अन्य प्रकरण में आवेदिका ने सम्पत्ति विवाद का आवेदन प्रस्तुत किया था जिस आवेदन मैं पारिवारिक भूमि य सम्पति का विस्तृत उल्लेख नहीं किया है। आवेदिका ने अपना आवेदन आधा अधूरा बनाया है इसलिए आयोग व्दारा आवेदिका को समझाईश दिया गया कि आवेदिका अपने आवेदन को लेकर महिला आयोग में कार्यालय में व्यक्तिगत उपस्थित होकर विस्तृत रूप में लेख कर प्रस्तुत करे तत्पश्चात प्रकरण पर पुनः सुनवाई की जायेगी।
अन्य प्रकरण में आवेदिका का आवेदन अधूरा एवं अस्पष्ट है। अनावेदक ने एक दस्तावेज प्रस्तुत किया कि प्रबंध संचालक, समग्र शिक्षक छ.ग. रायपुर का आदेश दिनांक 15.06.2023 के अनुसार आईसेक्ट कंपनी को काली सूची में डाला गया है और इसी कंपनी के व्दारा आवेदिका संविदा नियुक्ति में रायपुर में दानी स्कूल रायपुर में कार्यरत थी। आवेदिका चाहे तो आई सेक्ट कंपनी के खिलाफ पुनः 01 नया आवेदन प्रस्तुत कर सकती है ताकि उनके समस्याओं के समाधान के लिए आई सेक्ट कंपनी के खिलाफ कार्यवाही किया जा सके। इस निर्देश के उपरांत प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।
अन्य प्रकरण में आवेदिका ने शासकीय भुगतान रोकने के मामले पर शिकायत दर्ज कराई। है। आवेदिका ने बताया है शासकीय आयोजन के लिए वरिष्ठ अधिकारी ने मौखिक आदेश दिया था कि जिस पर आवेदिका ने अपने वेतन से पैसा निकालकर शासकीय आयोजन किया था। जिसका 39000/- रू. का भुगतान आवेदिका को अनावेदक से लेना था जिसमें से महज 14000/- रू. आवेदिका को मिला शेष 25000/- रू देने के लिए अनावेदक तालमटोल कर रहें है। अनावेदक का कहना था कि आवेदिका व्दारा प्रस्तुत देयक त्रुटिपूर्ण है जिसे संशोधन नहीं किया गया । अनावेदक उसके लिए बजट अनुमोदन लेकर भुगतान करने के लिए तैयार है। आयोग की समझाईश पर दोनों पक्ष आपसी रजामंदी को तैयार है. उन्हें 02 माह का समय दिया गया । इस स्तर पर प्रकरण की सुनवाई 02 माह बाद रायपुर में की जाऐगी।
एक अन्य प्रकरण में किन्नर समाज दुर्ग के द्वारा गौरिया समाज मटगांव वाले के खिलाफ शिकायत दर्ज किया गया था। जिसमें आयोग दास कोतवाली थाना दुर्ग को निर्देशित किया गया है कि आवेदिका व्दारा उपलब्ध कराये गये फोटो एवं विडियों के आधार पर अनावेदकगण का पता लगाकर उनके खिलाफ उचित कार्यवाही किया जाए।
एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने अपने भाई के खिलाफ आयोग में शिकायत दर्ज कराया था कि उसके गहना स्कूटी रख लिया है। आज सुनवाई के दौरान आवेदिका ने बताया है कि उसके भाई व्दारा गहना व स्कूटी के बदले 60000/- रू उसे दे दिया गया है। शेष 20000/- रू. देने का बात कह रहा है जिसे वह 5000 रू. प्रतिमाह किश्त में दे देगा। आवेदिका ने कहा कि. आपसी राजीनामा हो जाने के कारण आयोग से अपना प्रकरण समाप्त करना चाहती है अतः आयोग ने प्रकरण को नस्ती बध्द किया।आज के सुनवाई में कुल 15 नस्तीबध्द किया गया 02 प्रकरण रायपुर स्थानांतरित किया गया एवं 01 प्रकरण में थाना कोतवाली दुर्ग को कार्यवाही हेतु आदेशित किया गया।











