रेल लाइन का काम तेज, लेकिन सड़क-नाली अधूरी; वार्डवासियों ने कहा- पहले मूलभूत सुविधाएं पूरी करो, फिर आगे बढ़े रेल लाइन का काम
छत्तीसगढ़/कोरबा :- गेवरा-पेंड्रा रेल लाइन से जुड़ने वाली कृष्णा नगर में एसईसीएल के कोयला लदान के लिए बिछाई जा रही रेल लाइन के निर्माण कार्य को लेकर वार्डवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। रेलवे प्रबंधन, इरकॉन और राइट कंपनी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कृष्णा नगर वार्ड क्रमांक 7 के निवासियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
वार्डवासियों का कहना है कि पूर्व में कृष्णा नगर के निवासियों और राजस्व विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में रेलवे प्रबंधन की ओर से यह भरोसा दिलाया गया था कि वार्ड की मूलभूत सुविधाओं को पहले दुरुस्त किया जाएगा। इसमें पक्की सड़क, नाली, मंदिर और सांस्कृतिक स्टेज भवन जैसे कार्य शामिल थे। इसके बाद ही रेल लाइन बिछाने के काम को प्राथमिकता देने की बात कही गई थी।
वार्डवासियों के अनुसार, इन आश्वासनों के बावजूद रेल लाइन निर्माण का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है, जबकि बस्ती की जरूरी सुविधाओं से जुड़े कई विकास कार्य अब भी अधूरे पड़े हैं। इसी मुद्दे को लेकर कृष्णा नगर वार्ड क्रमांक 7 के निवासियों की विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें लंबित समस्याओं और अधूरे विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।
रेल लाइन का काम आगे, सड़क का काम अधूरा
बैठक में बताया गया कि शासकीय माध्यमिक शाला से दीपका की ओर जाने वाली रेल लाइन के बीच आवागमन के लिए अंडरग्राउंड ब्रिज का निर्माण किया गया है, लेकिन स्कूल से ब्रिज तक सड़क निर्माण का कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। वार्डवासियों के अनुसार सड़क अधूरी होने से स्थानीय लोगों के साथ स्कूली विद्यार्थियों को भी आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नाली निर्माण अब तक शुरू नहीं
वार्ड में जल निकासी की व्यवस्था को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। बैठक में आरोप लगाया गया कि नालियों का निर्माण कार्य अब तक शुरू ही नहीं किया गया है, जिसके कारण गंदगी और जलजमाव की समस्या बनी हुई है। वार्डवासियों का कहना है कि रेल परियोजना के निर्माण के साथ क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
दीपका बस्ती मार्ग पर भी अधूरा काम
कृष्णा नगर को दीपका बस्ती से जोड़ने वाले रास्ते में ट्रांसफार्मर के समीप स्थित दूसरे अंडरब्रिज का कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन इसके बाद भी सड़क निर्माण का काम अधूरा पड़ा है। वार्डवासियों का कहना है कि अधूरी सड़क के कारण स्थानीय लोगों का आवागमन जोखिमपूर्ण हो गया है।
मूलभूत सुविधाओं को लेकर उठाए सवाल
बैठक में वार्डवासियों ने सवाल उठाया कि जब रेल लाइन जैसी बड़ी परियोजना के निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है, तो प्रभावित बस्ती की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को अब तक पूरा क्यों नहीं किया गया। लोगों ने रेलवे प्रबंधन, इरकॉन और राइट कंपनी से पूर्व में दिए गए आश्वासनों पर अमल करने की मांग की।
वार्डवासियों ने कहा कि उनकी मांग रेल परियोजना का विरोध करना नहीं, बल्कि परियोजना से प्रभावित क्षेत्र में सड़क, नाली और अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित कराना है।
ज्ञापन के बाद आंदोलन की चेतावनी
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कृष्णा नगर की समस्याओं को लेकर रेलवे प्रबंधन एवं संबंधित जिम्मेदार विभागों को जल्द ही ज्ञापन सौंपा जाएगा। वार्डवासियों ने चेतावनी दी कि यदि रेलवे, इरकॉन और राइट कंपनी द्वारा कृष्णा नगर की मूलभूत व्यवस्थाओं को शीघ्र सुनिश्चित नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
वार्डवासियों का कहना है कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली स्थिति की जिम्मेदारी संबंधित जिम्मेदार संस्थाओं की होगी। लोगों ने मांग की है कि रेल लाइन निर्माण के साथ-साथ लंबित सड़क, नाली एवं अन्य विकास कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
बैठक में मूलचंद, मो. मंसूर, ललित महिलांगे, लक्ष्मण गुप्ता, मो. सरताज कुरैशी, कन्हैया, पवन गुप्ता, प्रभाष तांती, सोहन पंडित, मो. शमीम अंसारी, राधे बरेठ, सुनील शर्मा, शंभू लोहार, मो. अशरफ, दुलार बेक, छोटेलाल, मीना थापा, गीता महंत, जगत बाई चौहान, उमा महंत, सोना गोस्वामी, सती देवी महंत, सीमा देवी शर्मा, बालमती बारिया, इफाना कुरैशी सहित बड़ी संख्या में कृष्णा नगर के वार्डवासी उपस्थित रहे।












