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सरकार के बनाए नियमों को दरकिनार कर कोरबा में फल फूल रहा अवैध चखना दुकानों का कारोबार, खुलेआम पिलाई जा रही शराब, आबकारी विभाग को हो रही हर दिन लाखों की अवैध कमाई, स्थानीय सफेदपोशो का भी हिस्सा व संरक्षण

छत्तीसगढ़/कोरबा :- एक ओर जहां शराब से जुड़े कारोबारियों के ऊपर ईडी द्वारा शिकंजा कसते हुए शराब कारोबारियों के काली कमाई से जुड़े स्रोतो व दस्तावेजों की जांच पड़ताल की जा रही है वही जिले के कई क्षेत्रों में अवैध चखना दुकानों की बाढ़ सी आ गई है जहां शासन के बनाएं नियमों को दरकिनार कर दिन रात खुलेआम इन चखना दुकानों में शराब पिलाई जा रही है खुलेआम शराब पिलाने के कारण जहां बच्चों में इसका गलत प्रभाव पड़ता दिखाई दे रहा है वही उस क्षेत्र का माहौल अशांत और दूषित बना रहता है वैसे तो जिले में कई जगह मदिरा दुकानों के आसपास अवैध चखना दुकाने और उसमें खुलेआम शराब पीते लोग दिख जाएंगे जिसमें कोरबा शहर के मुड़ापार, टीपी नगर आदि,

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वही जिले के पाली क्षेत्र अंतर्गत की मदिरा दुकान के आसपास चल रही चखना दुकानों में खुलेआम दिनदहाड़े और रात को शराब पिलाई जा रही है यह पाली क्षेत्र की शराब दुकान के पास आईटीआई कॉलेज एवं तहसील कार्यालय और डिग्री कॉलेज है जहां इन संस्थानों में जाने वाले स्कूली बच्चों से लेकर अनेक लोगों द्वारा इसी मदिरा दुकानों के पास से होकर गुजरते हैं जहां शराबियों द्वारा खुलेआम इन चखना दुकानों में शराब पिलाई जाती है जिससे स्कूली बच्चों पर गलत प्रभाव तो पड़ता ही है और स्कूली बच्चों को शराब की लत लगने की संभावना बढ़ जाती है लेकिन आबकारी विभाग चंद पैसे के कारण जमीर बेचकर अवैध कमाई में लगा हुआ है,

सैंया भए कोतवाल तो अब डर काहे का : सूत्रों की माने तो कि हर महीने हर चकना दुकानों से आबकारी विभाग को 50000 से ₹100000 तक मंथली काली कमाई होती है वही इन चखना दुकानों से होने वाली काली कमाई का कुछ हिस्सा स्थानीय सत्ता पक्ष के सफेदपोशो को भी जाता है बताया जा रहा है यही कारण है कि चखना दुकान संचालकों के ऊपर स्थानीय सफेद पोशो का आशीर्वाद प्राप्त है और इन पर कार्यवाही नहीं हो पाती है, पिछले कुछ महीने पहले तत्कालीन एसडीएम ने कार्यवाही करते हुए अवैध चखना दुकानों के संचालकों को हिदायत दी थी कि अगर दोबारा अवैध चखना दुकानें संचालित की गई तो सामान की जब्ती की कार्रवाई की जाएगी लेकिन कुछ ही दिन बाद एसडीएम का ट्रांसफर होने के साथ धड़ल्ले से पुनः यह चखना दुकानें संचालित हैं,

शासन के नियमानुसार मदिरा दुकानों से 100 मीटर की दूरी पर कोई भी चखना दुकाने संचालित नहीं हो सकती हैं इसके साथ साथ इन चखना दुकानों में खुलेआम या गुप्त रूप में शराब नहीं पिलाई जा सकती है लेकिन इसके विपरीत चखना दुकानों में शासन के नियमों को दरकिनार करते हुए शासन के नियमों को मजाक बनाया जा रहा है और खुलेआम दिन और रात शराब पिलाई जा रही है, जिसे रोकने जिम्मेदार विभाग फेल हैं ।

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