छत्तीसगढ़/कोरबा :- प्रदेश में बिजली दरों में की गई वृद्धि और बिजली व्यवस्था की बदहाली को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसे जनविरोधी, किसान-विरोधी और मध्यम वर्ग विरोधी निर्णय बताया है। आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह केवल बिजली बिल का मामला नहीं, बल्कि आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति से जुड़ा गंभीर विषय है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने घरेलू एवं व्यावसायिक बिजली दरों में वृद्धि कर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है। नई दरें 1 जुलाई से लागू होंगी, जिसका असर जुलाई के बिजली बिलों में दिखाई देगा। महंगाई से जूझ रहे परिवारों के लिए यह फैसला अत्यंत कष्टदायक साबित होगा।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस ने अपनी सरकार और वर्तमान भाजपा सरकार की तुलना करते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को सीधी राहत मिली थी, जबकि भाजपा सरकार ने इस लाभ को सीमित कर दिया है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जनता को राहत देने के बजाय सुविधाओं में कटौती कर रही है।
कांग्रेस ने कहा कि गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पहले से ही भारी वृद्धि हो चुकी है। ऐसे में बिजली दरों में बढ़ोतरी से उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र की लागत भी बढ़ेगी, जिसका असर दूध, सब्जी, किराना, होटल, दुकानों और छोटे उद्योगों सहित आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
ऊर्जाधानी कोरबा की बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश की ऊर्जा राजधानी कहलाने वाले कोरबा में भी अघोषित बिजली कटौती जारी है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लो-वोल्टेज तथा हाई-वोल्टेज की समस्या गंभीर बनी हुई है। कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब सेवा में कोई सुधार नहीं हुआ तो बिजली दरों में वृद्धि का औचित्य क्या है।
महतारी वंदन योजना को लेकर भी कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये देने का प्रचार किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर बिजली, गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि कर परिवारों पर उससे कहीं अधिक आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
कांग्रेस ने सरकार से पूछा कि बिजली दरों में वृद्धि की आवश्यकता क्यों पड़ी, बिजली उत्पादन करने वाले राज्य में बिजली महंगी क्यों हो रही है, उपभोक्ताओं को बेहतर एवं निर्बाध सेवा कब मिलेगी तथा बिजली कटौती और वोल्टेज की समस्याओं का स्थायी समाधान कब किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस ने बिजली दरों में की गई वृद्धि को तत्काल वापस लेने, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए विशेष सब्सिडी देने, किसानों को सस्ती एवं निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने, अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाने तथा लो-वोल्टेज एवं हाई-वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की। साथ ही बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार के लिए समयबद्ध कार्ययोजना जारी करने की भी मांग की गई।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी जनता के हितों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ेगी और बिजली दर वृद्धि का फैसला वापस नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर, कर्मचारी, व्यापारी, गृहिणी, युवा और वरिष्ठ नागरिक समेत समाज का हर वर्ग इस वृद्धि से परेशान l













