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अटल प्रतिमा निर्माण में ‘ब्रॉन्ज’ की जगह कंक्रीट का आरोप, ₹13.60 लाख के कथित घोटाले पर सियासत गरम

भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने सीएमओ की बर्खास्तगी, उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की उठाई मांग

छत्तीसगढ़/कोरबा :-  कटघोरा नगर पालिका परिषद में अटल परिसर स्थित पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा निर्माण एवं ब्रॉन्ज सामग्री की खरीदी में कथित ₹13.60 लाख की वित्तीय अनियमितता का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने इस प्रकरण को गंभीर भ्रष्टाचार का मामला बताते हुए कलेक्टर को शिकायत सौंपकर निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को तत्काल पद से हटाकर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग भी की है।

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गोपाल मोदी ने शिकायत में कहा है कि विभिन्न समाचार माध्यमों एवं स्थानीय स्तर पर प्राप्त जानकारी के अनुसार अटल परिसर में प्रतिमा निर्माण के दौरान ब्रॉन्ज सामग्री के नाम पर भुगतान किया गया, जबकि मौके पर कथित तौर पर निम्न गुणवत्ता की सामग्री अथवा कंक्रीट का उपयोग किए जाने की आशंका है। इस पूरे मामले में करीब ₹13.60 लाख की वित्तीय अनियमितता होने का आरोप लगाया गया है।

उन्होंने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और शासन की पारदर्शिता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न है। सार्वजनिक धन से किए जाने वाले विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।

भाजपा जिलाध्यक्ष ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे प्रकरण की किसी स्वतंत्र एजेंसी अथवा वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए। निर्माण कार्य की तकनीकी गुणवत्ता एवं उपयोग की गई सामग्री का विशेषज्ञों से परीक्षण कराया जाए। साथ ही निविदा प्रक्रिया, मापन पुस्तिका (एम.बी.), भुगतान, बिल, वाउचर तथा अन्य सभी अभिलेखों का विस्तृत वित्तीय परीक्षण कर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए।

उन्होंने यह भी मांग की कि जांच पूरी होने तक संबंधित सीएमओ को पद से हटाया जाए, ताकि जांच प्रभावित न हो और निष्पक्षता बनी रहे। जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि अथवा ठेकेदार के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ विधिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।

गोपाल मोदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी प्रशासन के पक्ष में है। जनता के पैसे से किए जाने वाले विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले में त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई से ही जनता का शासन-प्रशासन पर विश्वास कायम रह सकेगा।

कलेक्टर को शिकायत सौंपे जाने के बाद अब पूरे मामले में प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें हैं। यदि जांच के आदेश जारी होते हैं, तो प्रतिमा निर्माण कार्य, उपयोग की गई सामग्री और भुगतान प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं का खुलासा हो सकता है।

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