HomeBreaking Newsसमय-सीमा में राजस्व प्रकरणों का निराकरण न होने पर होगी कार्रवाई: कलेक्टर

समय-सीमा में राजस्व प्रकरणों का निराकरण न होने पर होगी कार्रवाई: कलेक्टर

अपार आईडी की जानकारी अपडेट नहीं किए जाने पर डीईओ पर जताई नाराजगी, नदी किनारे और विभागीय कार्यालयों में वृक्षारोपण के निर्देश, समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने की समीक्षा

छत्तीसगढ़/कोरबा :- कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने आज समय-सीमा की बैठक में विभागीय कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने टीएल के लिए चिन्हित प्रकरणों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएमओ-पीजी, मुख्यमंत्री जनदर्शन सहित अन्य महत्वपूर्ण विभागों के लंबित प्रकरणों के निराकरण के निर्देश दिए।
समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर श्री दुदावत ने तहसीलवार राजस्व से संबंधित विवादित, अविवादित, त्रुटि सुधार, सीमांकन आदि से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए समय-सीमा के बाहर वाले प्रकरणों पर नाराजगी जाहिर करते हुए प्रगति लाने के निर्देश दिए और कार्रवाई की चेतावनी दी। कलेक्टर ने ई-कोर्ट के लंबित प्रकरणों को एक सप्ताह के भीतर निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने एग्रीस्टैक और बकेट क्लेम की समीक्षा करते हुए प्रगति लाने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन अंतर्गत लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए विद्युत विभाग, नगरीय निकायों और राजस्व विभाग को निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने राजस्व के प्रकरणों में प्रतिवेदन में प्रकरण क्रमांक दर्ज करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में कलेक्टर ने क्रेडा को निर्देशित किया कि 30 जुलाई तक ग्राम पंचायतों से समन्वय कर खराब सोलर ड्यूल पंप की जानकारी प्रस्तुत करें, ताकि आवश्यक सुधार सुनिश्चित कराया जा सके।
कलेक्टर ने शिक्षा विभाग को स्कूली विद्यार्थियों की अपार आईडी सूची अभी तक प्रस्तुत नहीं किए जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए सोमवार तक सूची प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा विभाग को अहाता-विहीन और अहाता वाले संस्थानों तथा पेयजल की कमी वाले विद्यालयों की सूची भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कलेक्टर दुदावत ने स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग को बोर की कमी वाले संस्थानों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री दुदावत ने ब्लॉक मुख्यालय सहित दूरस्थ क्षेत्रों में डीएमएफ से बनाए गए चिकित्सक-शिक्षक आवास भवनों का आबंटन एसडीएम के माध्यम से सुनिश्चित करने तथा मेंटेनेंस के लिए न्यूनतम किराया निर्धारित करने और बैंक का खाता खोलकर उक्त खाते में किराए की राशि जमा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने आवास का आबंटन चिकित्सकों एवं शिक्षकों को दूरी को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता तय कर करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संसाधन विभाग को नदी के किनारे सड़क से लगी हुई जमीन पर पौधरोपण के लिए चिन्हांकन करने सहित सभी विभागों को अपने संस्थानों में पौधरोपण करने तथा आवश्यकता अनुसार पौधे प्राप्त करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर श्री दुदावत ने खाद्य अधिकारी को डुबान क्षेत्र के कृषकों की सूची तैयार करने, समाज कल्याण विभाग को बैटरी ट्राइसाइकिल की खरीदी करने तथा सहकारिता विभाग को समितियों के लिए आवश्यक अतिरिक्त भूमि का चिन्हांकन सहकारिता निरीक्षक एवं एसडीएम के माध्यम से करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने समग्र शिक्षा अंतर्गत निर्माणाधीन भवनों की प्रगति की समीक्षा की और फोटोग्राफ के साथ जानकारी प्रस्तुत करने तथा अपूर्ण कार्यों में वसूली योग्य प्रकरणों में वसूली के निर्देश दिए। उन्होंने मत्स्य विभाग अंतर्गत पीएम मत्स्य संपदा योजना के कार्यों की समीक्षा की और तालाब निर्माण, मछली पालन के लिए बायो फ्लॉक, केज कल्चर के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।
कलेक्टर ने मसाहती ग्रामों के अंतर्गत सर्वे पूर्ण करने और प्रारंभिक प्रकाशन के निर्देश दिए। उन्होंने श्रम विभाग को ई-केवाईसी की साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने, कौशल विकास विभाग को लक्ष्य के अनुरूप प्रशिक्षण पूर्ण कराने तथा नगरीय निकायों को 100 प्लस आधार सत्यापन के शेष कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री प्रतीक जैन, डीएफओ कोरबा श्रीमती प्रेमलता यादव, निगमायुक्त श्री आशुतोष पांडेय, अपर कलेक्टर श्री देवेंद्र पटेल, श्री ओंकार यादव, सहायक कलेक्टर श्री तरुण कुमार किरण, श्री विशाल जायसवाल सहित सभी एसडीएम एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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