HomeBreaking Newsप्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की इंडिकेटरवार प्रगति की समीक्षा

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की इंडिकेटरवार प्रगति की समीक्षा

जिले की रैंकिंग सुधारने लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश

छत्तीसगढ़/कोरबा :-  प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत जिले में विभिन्न इंडिकेटरों की प्रगति एवं जिले की रैंकिंग में सुधार को लेकर कलेक्टोरेट सभागार में जिला डी.डी.के.वाई. समिति की बैठक आयोजित की गई। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन की अध्यक्षता में हुई बैठक में योजना के तहत निर्धारित लक्ष्यों और उपलब्धियों की इंडिकेटरवार समीक्षा की गई।

- Advertisement -

बैठक में प्रारंभ में पोर्टल के माध्यम से जिले की रैंकिंग में आई गिरावट की स्थिति की जानकारी ली गई। इसके बाद सीईओ श्री जैन ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ कम प्रगति वाले इंडिकेटरों की समीक्षा करते हुए विशेष प्रयास करने और निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि जिले की रैंकिंग में अपेक्षित सुधार लाया जा सके।

पीएम किसान से लेकर प्राकृतिक खेती तक हुई समीक्षा

कृषि विभाग से संबंधित पीएम किसान, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, एफपीओ, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, परंपरागत कृषि विकास योजना, पीएम-आशा, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, दलहन में आत्मनिर्भरता तथा राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन सहित विभिन्न इंडिकेटरों की समीक्षा की गई।

पीएम किसान योजना के प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लक्ष्य के अनुरूप अधिक से अधिक गैर-ऋणी किसानों को योजना से जोड़ने तथा किसान क्रेडिट कार्ड के दायरे में अधिक से अधिक किसानों को लाने पर जोर दिया गया। इसके लिए कृषि, मत्स्य, उद्यानिकी एवं पशुपालन विभाग को आपसी समन्वय से कार्य करने कहा गया।

एफपीओ के अंतर्गत नाबार्ड के माध्यम से प्रशिक्षण आयोजित कर अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने के निर्देश दिए गए। वहीं एनएमएनएफ एवं पीकेवीवाई के तहत क्षेत्र विस्तार के साथ प्राकृतिक एवं जैविक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को गति देने कहा गया।

दलहन-तिलहन उपार्जन पर विशेष जोर

पीएम-आशा योजना के तहत दलहन एवं तिलहन उपार्जन के लिए ग्राम कृषि विकास अधिकारीवार लक्ष्य निर्धारित कर उपार्जन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा मृदा स्वास्थ्य कार्ड एवं एनएमईओ योजना में निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति लाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने कहा गया।

बैठक में उद्यानिकी, मत्स्य, पशुपालन, कृषि विज्ञान केंद्र, सहकारिता, उद्योग, पंचायत एवं राजस्व विभाग से संबंधित इंडिकेटरों के लक्ष्य और उपलब्धियों की भी समीक्षा की गई। जिन इंडिकेटरों में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, उनमें तेजी लाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में सहायक परियोजना अधिकारी, उपसंचालक कृषि, महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग, अधीक्षक भू-अभिलेख, सहायक संचालक मत्स्य एवं उद्यान, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र, जिला प्रबंधक आजीविका मिशन, सहकारिता विभाग के अधिकारी सहित वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी, कृषि विकास अधिकारी एवं ग्राम कृषि विकास अधिकारी उपस्थित रहे।

Must Read