छत्तीसगढ़/कोरबा :- छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना गैर राजनीतिक संगठन के प्रदेश संगठन मंत्री उमागोपाल सहित संगठन से जुड़े गोविंद सारथी और कैलाश साहू के खिलाफ SECL गेवरा के अधिकारियों द्वारा FIR दर्ज किए जाने के बाद मामला गरमा गया है। संगठन ने इस FIR को फर्जी और संघर्ष की आवाज को दबाने का प्रयास बताया है।
FIR के विरोध में उमागोपाल अपने साथी गोविंद सारथी और कैलाश साहू के साथ दीपका थाना पहुंचे और स्वेच्छा से अपनी गिरफ्तारी दी। इस दौरान संगठन के पदाधिकारी और समर्थक भी मौके पर मौजूद रहे।
उमागोपाल ने कहा कि मजदूरों, ड्राइवरों, विस्थापितों और छत्तीसगढ़िया लोगों के हक-अधिकार के लिए आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है। हम हमेशा जनहित के मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करते आए हैं। हमारे ऊपर दर्ज की गई FIR को हम गलत और संघर्ष को दबाने का प्रयास मानते हैं। लेकिन FIR और गिरफ्तारी से हमारी आवाज दबने वाली नहीं है। हम कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करते हुए अपना संघर्ष लगातार जारी रखेंगे।
गिरफ्तारी देने के दौरान मौके पर जिला संयोजक अतुल दास महंत, सहसंयोजक भारत पटेल, लखन बरेट और श्रीकांत पाठक सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं साथी मौजूद रहे।
संगठन की ओर से कहा गया कि कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करते हुए संघर्ष जारी रहेगा और मजदूरों एवं छत्तीसगढ़िया समाज के हक-अधिकार की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के जिला संयोजक अतुल दास महंत ने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और FIR की वास्तविकता सामने लाने की मांग की है।












