दीपका पुलिस और ग्राम पंचायत की संयुक्त पहल, महिला कमांडर समिति करेगी निगरानी
छत्तीसगढ़/कोरबा-दीपका :- कोरबा जिले के ग्राम पंचायत झाबर ने गांव को पूर्ण नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू के मार्गदर्शन में आयोजित विशेष ग्रामसभा में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से नशे के खिलाफ सख्त नियम लागू करने का संकल्प लिया। बैठक में पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और सार्वजनिक स्थानों पर नशा करने वालों पर भारी आर्थिक दंड लगाने का निर्णय लिया गया।
सभा में प्रशिक्षु उपनिरीक्षक निखिल देवांगन, आरक्षक अंकित पांडे एवं आरक्षक मुकेश यादव उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने नशामुक्त गांव के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लेते हुए नियमों को कड़ाई से लागू करने पर सहमति जताई।
शराब बेचने पर ₹10 हजार, खरीदने और सार्वजनिक स्थान पर पीने पर ₹5 हजार जुर्माना
ग्रामसभा में पारित प्रस्ताव के अनुसार गांव में शराब या अन्य नशीले पदार्थ बनाने अथवा बेचने वाले व्यक्ति पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं नशीले पदार्थ खरीदने वाले तथा सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीते पाए जाने वाले व्यक्तियों पर 5,000 रुपये का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। इन नियमों का उद्देश्य गांव में नशे की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लगाना है।
महिला कमांडर समिति को सौंपी गई जिम्मेदारी
नशामुक्त अभियान की निगरानी और अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ग्रामसभा में महिला कमांडर समिति का गठन किया गया। समिति की अध्यक्ष नोनी बाई कंवर, उपाध्यक्ष राधा बाई महंत तथा सचिव शेषमति पटेल को चुना गया। समिति पुलिस प्रशासन के समन्वय से गांव में जागरूकता, निगरानी और आवश्यक कार्रवाई में सहयोग करेगी।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने लिया सामूहिक संकल्प
बैठक में सरपंच रामसिंह कंवर, पंच शनि कंवर, देवनाथ विश्वकर्मा, प्रमोद कौशिक, पूर्व उपसरपंच मुकेश जायसवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिला प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में गांव को नशामुक्त बनाने के लिए सहयोग देने का संकल्प लिया। ग्रामीणों का मानना है कि पुलिस प्रशासन और ग्राम पंचायत की इस संयुक्त पहल से झाबर आने वाले समय में क्षेत्र के आदर्श नशामुक्त गांव के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगा।











