छत्तीसगढ़/कोरबा :- जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे “सजग कोरबा – सतर्क कोरबा” अभियान के तहत साइबर पुलिस थाना कोरबा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 4 एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मैटेरियल (CSAM) से जुड़े तीन मामलों और साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए एक म्यूल बैंक खाते के खाताधारक के खिलाफ एक मामला शामिल है।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पतले एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (साइबर नोडल) नीतीश कुमार ठाकुर के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय की साइबर टिपलाइन से प्राप्त शिकायतों के आधार पर CSAM संबंधी तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई है। पुलिस डिजिटल साक्ष्य जुटाने, तकनीकी विश्लेषण और अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं में जुटी हुई है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) से प्राप्त शिकायतों के विश्लेषण में एक ऐसा बैंक खाता सामने आया, जिसमें साइबर ठगी की रकम प्राप्त होने के प्रमाण मिले। जांच में पता चला कि इस खाते के खिलाफ छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हैं।
प्रथम दृष्टया इस बैंक खाते का उपयोग साइबर अपराध की राशि के लेन-देन के लिए म्यूल अकाउंट के रूप में किए जाने के प्रमाण मिलने पर खाताधारक के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस बैंक खाते के वित्तीय लेन-देन और इससे जुड़े पूरे नेटवर्क की तकनीकी जांच कर रही है।
कोरबा पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी के शिकार होते हैं तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही किसी के कहने या लालच में आकर अपना बैंक खाता उपलब्ध न कराएं और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना या साइबर पुलिस थाना कोरबा को दें।











