छत्तीसगढ़/कोरबा :- जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर कुणाल दुदावत शुक्रवार को पूरे दिन मैदानी दौरे पर रहे। उन्होंने एक ही दिन में पीएम श्री सेजस विद्यालय तिलकेजा, बरपाली तहसील कार्यालय और पताढ़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण कर शिक्षा, राजस्व और स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान जहां विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं, वहीं तहसील कार्यालय में लंबित राजस्व मामलों पर सख्त निर्देश दिए और स्वास्थ्य केंद्र में मिली अव्यवस्थाओं पर संबंधित बीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश देकर स्पष्ट संदेश दिया कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 
विद्यालय में विद्यार्थियों से सीधा संवाद, शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने करतला विकासखंड के ग्राम तिलकेजा स्थित पीएम श्री सेजस विद्यालय का निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्था, अधोसंरचना और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया। छात्राओं ने तिलक लगाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।
उन्होंने कंप्यूटर लैब का निरीक्षण करने के बाद कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों से खुलकर चर्चा की। पढ़ाई, परीक्षा की तैयारी, करियर, विद्यालय की सुविधाओं और आवश्यकताओं पर विद्यार्थियों के सुझाव भी लिए। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन और मेहनत के साथ पढ़ाई करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि बोर्ड परीक्षा का परिणाम भविष्य की दिशा तय करता है, इसलिए समय का सदुपयोग कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का प्रयास करें।
कलेक्टर ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित आईआईटी और जेईई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी और इसका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकों के साथ बैठक कर उन्होंने कंप्यूटर लैब के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक शिक्षक की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा अतिथि शिक्षक की भर्ती शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माणाधीन पीसीबी लैब का निरीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। विद्यालय परिसर में रातरानी का पौधारोपण कर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। 
बरपाली तहसील में लंबित राजस्व मामलों पर सख्ती
विद्यालय निरीक्षण के बाद कलेक्टर बरपाली तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने कार्यालयीन व्यवस्थाओं, सेवा सेतु केंद्र, न्यायालय कक्ष, नकल शाखा, आवक-जावक शाखा एवं विभिन्न अभिलेखों का निरीक्षण किया।
उन्होंने सेवा सेतु केंद्र में प्राप्त आवेदनों और उनके निराकरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। न्यायालय कक्ष में लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा कर शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए तथा प्रतिवेदन प्रस्तुत करने में विलंब करने वाले पटवारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान रजिस्टरों के नियमित परीक्षण में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने तहसीलदारों को अभिलेखों की नियमित मॉनिटरिंग करने और कार्यालय में स्वच्छता एवं व्यवस्थित कार्य संस्कृति बनाए रखने के निर्देश दिए। ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। 
स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्था पर नाराजगी, बीएमओ को नोटिस
दिन के तीसरे चरण में कलेक्टर पताढ़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का व्यापक निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी, पंजीयन शाखा, चिकित्सक कक्ष, वैक्सीनेशन कक्ष, इमरजेंसी, प्रसव कक्ष, जनऔषधि केंद्र, एनबीएसयू सहित विभिन्न इकाइयों का निरीक्षण किया तथा दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों की संख्या और स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की।
महिला वार्ड एवं आईपीडी वार्ड में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत कर उपचार, भोजन, नाश्ता और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र में पाई गई अव्यवस्थाओं पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित बीएमओ डॉ. दीपक राज को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। 
प्रशासनिक संदेश स्पष्ट – लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
कलेक्टर कुणाल दुदावत के इस एक दिवसीय मैदानी दौरे ने यह स्पष्ट कर दिया कि जिला प्रशासन अब केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और राजस्व जैसी मूलभूत सेवाओं की वास्तविक स्थिति का लगातार जमीनी स्तर पर मूल्यांकन किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों और कार्रवाई से यह संकेत भी मिला कि आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।











