HomeBreaking Newsअवैध खनन पर खनिज विभाग का बड़ा प्रहार, 1 जेसीबी समेत 9...

अवैध खनन पर खनिज विभाग का बड़ा प्रहार, 1 जेसीबी समेत 9 वाहन जप्त… फिर प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से कैसे चल रहा रेत का अवैध कारोबार?

छत्तीसगढ़/कोरबा :-  कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश एवं उप संचालक, खनि प्रशासन के मार्गदर्शन में खनिज विभाग कोरबा द्वारा जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध विशेष अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की गई है। खनिज उड़नदस्ता दल ने विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर 1 जेसीबी, 1 ट्रेलर, 2 टीपर एवं 5 ट्रैक्टर सहित कुल 9 वाहनों को जप्त किया है।
खनिज विभाग की टीम ने सीतामढ़ी, बरमपुर, कपाटमुड़ा, सुराकछार, बांकीमोगरा, तिलसरा, गुरसिया सहित अन्य क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान बांकीमोगरा, कोसावाड़ी, बरमपुर, घरीपखना एवं गुरसिया क्षेत्र में गिट्टी, मिट्टी और रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन में लगे वाहनों को पकड़कर जप्त किया गया। जप्त वाहनों को बांकीमोगरा थाना, रामपुर थाना, बांगो थाना तथा खनिज जांच चौकी रामपुर-कटघोरा में अभिरक्षा में रखा गया है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से 15 जून 2026 तक अवैध उत्खनन के 12 प्रकरणों में 6 लाख 74 हजार 100 रुपये, अवैध परिवहन के 89 प्रकरणों में 7 लाख 37 हजार 931 रुपये तथा अवैध भंडारण के 10 प्रकरणों में 7 लाख 14 हजार 810 रुपये की वसूली की गई है। इस अवधि में कुल 18 लाख 70 हजार 473 रुपये राजस्व प्राप्त हुआ है।
हालांकि इस कार्रवाई के बीच कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। प्रदेश में 10 जून से 15 अक्टूबर तक रेत उत्खनन पर प्रतिबंध लागू है, इसके बावजूद जिले के विभिन्न नदी घाटों से प्रतिबंधित जेसीबी और पोकलेन मशीनों के माध्यम से रेत के अवैध उत्खनन की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। बारिश की सक्रियता अभी अपेक्षाकृत कम होने का फायदा उठाकर रेत माफियाओं के सक्रिय होने की चर्चाएं भी क्षेत्र में जोरों पर हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब खनिज विभाग लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई का दावा कर रहा है, तब प्रतिबंधित मशीनों का उपयोग आखिर किसकी निगरानी में हो रहा है। हालिया कार्रवाई में एक जेसीबी का जप्त होना भी इस बात की पुष्टि करता है कि प्रतिबंध के बावजूद भारी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
वहीं, जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में जप्त वाहनों अथवा कार्रवाई स्थल की कोई तस्वीर जारी नहीं की गई है। इतनी बड़ी कार्रवाई के बावजूद फोटो उपलब्ध नहीं होने से कार्रवाई की पारदर्शिता और प्रभावशीलता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
ऐसे में यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि 10 जून से लागू प्रतिबंध के बावजूद कोरबा जिले में अवैध रेत उत्खनन पर पूरी तरह अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा है और आखिर किसके संरक्षण में प्रतिबंधित मशीनों के जरिए प्राकृतिक संसाधनों का दोहन जारी है। जिले के लोगों की नजरें अब प्रशासन और खनिज विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

Must Read