छत्तीसगढ़/कोरबा :- जिले के हरदीबाजार थाना क्षेत्र में गुरुवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब पुलिस कार्रवाई से नाराज दो युवक गांव की पानी टंकी पर चढ़ गए और थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर आत्मदाह की चेतावनी देने लगे। करीब तीन घंटे तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की समझाइश पर दोनों युवकों को सुरक्षित नीचे उतारा गया।
जानकारी के अनुसार, ग्राम नेवसा निवासी रफीक मोहम्मद (22) और दीपेश निर्मलकर (23) सुबह पेट्रोल लेकर पानी टंकी पर चढ़ गए। दोनों युवकों ने टंकी के ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आग भी लगा दी और हरदीबाजार थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई तथा निलंबन की मांग करते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और तहसीलदार की टीम मौके पर पहुंची। लगभग तीन घंटे तक लगातार समझाइश और बातचीत के बाद दोनों युवकों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
मारपीट और रिश्वत लेने के लगाए गंभीर आरोप
दोनों युवकों ने आरोप लगाया कि 9 जून को पुलिस ने उन्हें ग्राम सिरली के पास से पकड़कर हरदीबाजार थाना लाया, जहां लाठी-डंडे और बेल्ट से उनकी पिटाई की गई। युवकों का आरोप है कि उनसे करीब 23 हजार 500 रुपए जबरन लिए गए और दबाव बनाकर यह लिखवाया गया कि वे भागते समय गिरकर घायल हुए थे।
जुआ-सट्टा मामले में कार्रवाई का दावा
वहीं, हरदीबाजार थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डनसेना ने लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि दोनों युवक जुआ-सट्टा गतिविधियों से जुड़े हैं और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है। उन्होंने रिश्वत और मारपीट के आरोपों को निराधार बताया है।
ग्रामीणों में दिखा आक्रोश, पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा कई बार घरों में घुसकर लोगों को उठाया जाता है और अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है। इस घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
निष्पक्ष जांच की उठी मांग
घटनाक्रम के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि युवकों द्वारा लगाए गए आरोप सही हैं तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, वहीं यदि आरोप बेबुनियाद हैं तो पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।
कोरबा में हाई वोल्टेज ड्रामा: हरदीबाजार TI पर रिश्वत और मारपीट के आरोप, पानी टंकी पर चढ़े दो युवक, तीन घंटे बाद उतारा गया नीचे









