छत्तीसगढ़/कोरबा :- जिले के ग्राम पंचायत रजगामार में मुख्यमंत्री पेंशन योजना के नाम पर कथित रूप से अवैध रकम लेने का मामला सामने आया है। वार्ड क्रमांक 5 के पंच जितेंद्र राठौर पर एक पीड़ित महिला से रुका हुआ पेंशन चालू कराने के नाम पर 9 हजार रुपये लेने का आरोप लगा है। मामले की शिकायत कलेक्टर से किए जाने के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। 
जानकारी के अनुसार ग्राम रजगामार निवासी गायत्री प्रजापति पति त्यागता महिला हैं और उन्हें मुख्यमंत्री पेंशन योजना के तहत पेंशन मिलती थी। बताया जा रहा है कि बीते दो वर्षों से उनका पेंशन बंद हो गया था। इसी दौरान वार्ड क्रमांक 5 के पंच जितेंद्र राठौर ने महिला से कहा कि वह उनका रुका हुआ पेंशन दोबारा शुरू करा सकता है।
आरोप है कि इसके एवज में 9 हजार रुपये की मांग की गई। पीड़िता के अनुसार यह रकम ग्राम पंचायत रजगामार के सरपंच हरिसिंह राठिया के पुत्र चंद्रभान राठिया के माध्यम से ली गई। महिला ने बताया कि उसने रकम कम करने की बात कही थी, लेकिन पंच द्वारा यह कहते हुए 9 हजार रुपये लिए गए कि “अधिकारियों को भी देना पड़ता है।”
मामले को लेकर पीड़िता ने कोरबा कलेक्टर से शिकायत की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने सीईओ जिला पंचायत को जांच के निर्देश दिए हैं। इसके बाद उप संचालक पंचायत, जिला पंचायत कोरबा द्वारा 13 मई 2026 को तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर तीन दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश जारी किया गया है।
जांच टीम में जयश्री अग्रवाल सहायक लेखा अधिकारी जनपद पंचायत कोरबा, ज्योति राज विकास विस्तार अधिकारी तथा चतुरानंद सिंह कंवर सहायक आंतरिक लेखा परीक्षण सह करारोपण अधिकारी को शामिल किया गया है।
इधर, मामले के सामने आने के बाद पंचायत व्यवस्था और सुशासन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। एक ओर सरकार सुशासन शिविर लगाकर आम जनता की समस्याओं के समाधान का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधि पर ही योजना के नाम पर पैसे लेने के आरोप लगना चर्चा का विषय बना हुआ है।
अब सबकी नजर प्रशासनिक जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
पेंशन दिलाने के नाम पर 9 हजार की कथित ठगी, रजगामार के पंच पर आरोप, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश, तीन सदस्यीय टीम गठित













