छत्तीसगढ़/कोरबा :- अवैध रेत खनन और परिवहन पर प्रदेश सरकार की सख्ती के दावों के बीच कोरबा जिले के सीतामणी क्षेत्र में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा कलेक्टरों को जिम्मेदारी तय करते हुए कड़े निर्देश दिए जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर इसका अपेक्षित असर नजर नहीं आ रहा है।
सीतामणी और आसपास के इलाकों से रेत से लदे ट्रैक्टर और टिपर दिनभर बेधड़क सड़कों पर दौड़ते देखे जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमों की अनदेखी करते हुए यह परिवहन खुलेआम जारी है, जिससे प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं।
शारदा विहार फाटक और आसपास के प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही के कारण दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। यह समस्या अब आम ट्रैफिक बाधा से आगे बढ़कर स्थायी अव्यवस्था का रूप ले चुकी है, जिससे आम नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासनिक अमले की मौजूदगी के बावजूद कार्रवाई की धीमी रफ्तार लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि सख्त निर्देशों और जमीनी अमल के बीच की दूरी कब खत्म होगी, और अवैध रेत परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण कब तक स्थापित हो पाएगा।












