98.83% अंक के साथ दीपांशी प्रदेश में द्वितीय, सीमित संसाधनों में रचा उत्कृष्टता का इतिहास
छत्तीसगढ़/रायपुर :- छत्तीसगढ़ के ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालयों ने इस वर्ष सीजी बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़े निजी स्कूलों को कड़ी टक्कर दी है। आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास विभाग द्वारा संचालित इन विद्यालयों का परिणाम शत-प्रतिशत रहा, वहीं 13 विद्यार्थियों ने टॉप-10 मेरिट सूची में स्थान बनाकर प्रदेश में नई मिसाल कायम की है।
हाईस्कूल (10वीं) परीक्षा में छात्रा कु. दीपांशी ने 98.83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में द्वितीय स्थान हासिल किया। वहीं हायर सेकेंडरी (12वीं) परीक्षा में भी विद्यार्थियों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा, जहां 128 छात्र प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। रायपुर के गुडियारी स्थित प्रयास विद्यालय की 19 छात्राओं ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित किए, जबकि कोरबा की रागिनी कंवर ने 95 प्रतिशत अंक के साथ विद्यालय में पहला स्थान प्राप्त किया।
गणित और जीव विज्ञान में चमके विद्यार्थी
10वीं में 6 विद्यार्थियों ने गणित विषय में 100 में 100 अंक हासिल किए, वहीं 12वीं में जीव विज्ञान विषय में दो छात्राओं ने पूर्णांक प्राप्त कर विशेष उपलब्धि दर्ज की। हाईस्कूल परीक्षा में 119 छात्राओं में से 48 ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए।
मेरिट में ‘प्रयास’ का दबदबा
प्रदेश की मेरिट सूची में कुल 50 विद्यार्थियों में से 13 छात्र ‘प्रयास’ विद्यालयों के हैं। वहीं हाईस्कूल की प्रावीण्य सूची में 42 में से 21 विद्यार्थी एकलव्य एवं प्रयास विद्यालयों से हैं, जिनमें 11 विद्यार्थी केवल प्रयास विद्यालय के हैं।
सीमित संसाधनों में सफलता की मिसाल
प्रदेश में संचालित 17 प्रयास विद्यालयों में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों सहित विभिन्न वर्गों के बच्चे अध्ययनरत हैं। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा के साथ-साथ आईआईटी, एनआईटी, नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाती है।
मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों ने दी बधाई
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इसे प्रयास विद्यालयों की अवधारणा की सफलता बताया। आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम सहित अन्य मंत्रियों ने भी विद्यार्थियों, शिक्षकों और विभागीय अधिकारियों को बधाई दी।
प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद विद्यार्थियों ने जो सफलता हासिल की है, वह पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने इसे शिक्षा क्षेत्र में एक प्रेरणादायक मॉडल बताया, जो यह सिद्ध करता है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर प्रतिभा किसी भी बाधा को पार कर सकती है।











