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केंद्र में PVTG दर्जा दिलाने पांडो समाज के प्रतिनिधियों ने सौपा सहायक आयुक्त को ज्ञापन, 49 गांवों के 3500 लोगों के हक की उठाई आवाज

छत्तीसगढ़/कोरबा :-  पांडो जनजाति समाज कल्याण समिति, जिला कोरबा द्वारा केंद्र स्तर पर विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) में शामिल करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर को ज्ञापन सौंपा गया। समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पांडो जनजाति को राज्य स्तर पर विशेष दर्जा प्राप्त है, लेकिन केंद्र सरकार की सूची में शामिल नहीं होने के कारण उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

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समिति द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि कोरबा जिले के विकासखंड कोरबा, पोड़ी-उपरोड़ा और पाली के करीब 48-49 गांवों में लगभग 700 परिवार और 3500 की जनसंख्या निवासरत है। पांडो समाज को महामहिम राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र के रूप में संरक्षित जनजाति माना जाता है, बावजूद इसके अब तक शासन की योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल रहा, जिससे समाज आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहा है।

ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

1. पांडो जनजाति को केंद्र की विशेष पिछड़ी जनजाति।           (PVTG) सूची में शामिल किया जाए
2. तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की सीधी भर्ती में प्राथमिकता दी।     जाए
3. जिनका बंदोबस्त नहीं हुआ है, उनके लिए ग्राम सभा से।       सरलीकरण कर जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनाया।         जाए
4.  पांडो समाज के बच्चों को कन्या एवं बालक छात्रावास।       में प्राथमिकता दी जाए
5. कोरबा जिले के अंतर्गत आने वाले 49 गांवों को।              योजनाओं में शामिल किया जाए
6. जिनके आधार कार्ड नहीं बने हैं, उनके आधार कार्ड।            बनवाने की व्यवस्था की जाए

ज्ञापन में लैंगा, मंदिरपारा, गोन्दहवा, जाताडांड, बनखेता, झंडी, गुरसिया, साहीपुर, रावा, मेरई, कर्राडांड, तिनधारा, सरार, तेलसरा, काचरमार, बेलबंधा, घुमानीडांड सहित दर्जनों गांवों का विस्तृत उल्लेख किया गया है, जहां पांडो समाज निवास करता है और योजनाओं से वंचित है।

समाज के पदाधिकारियों—संभागीय कार्यवाहक अध्यक्ष ईतवार सिंह पंडो, विजयपाल पंडो, मदन सिंह सहित अन्य प्रतिनिधियों ने शासन से शीघ्र सकारात्मक पहल करने की मांग की है। आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर को ज्ञापन सौंपते हुए समाज ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आगे आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।

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