छत्तीसगढ़/कोरबा :- रामपुर विधानसभा सीट में जहां एक और कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह राठिया हैं वही 11 बार चुनाव लड़कर छह बार जीत हासिल करने वाले दिग्गज आदिवासी सीनियर नेता ननकी राम कंवर हैं जो बीजेपी से प्रत्याशी हैं, रामपुर विधानसभा सीट का क्षेत्र सघन वनांचल और पहाड़ से घिरा हुआ क्षेत्र है. इस घने जंगल में हाथियों की संख्या बहुत ज्यादा है जिसके कारण हाथी यहां की सबसे बड़ी समस्या हैं, ग्रामीण इलाके के लोग इससे जूझ रहे हैं. करीब 46 गांव हाथियों के उत्पात से प्रभावित हैं.
बता दे कि कोरबा जिले की रामपुर विधानसभा सीट में अब तक कुल 13 चुनाव हुए हैं। इन चुनावों में 8 बार ऐसा मौका आया है, जब कांग्रेस से प्यारे लाल कंवर और भाजपा के ननकी राम कंवर चुनावी मैदान में आमने-सामने रहे हैं। इन मुकाबलों में 4 बार प्यारे लाल की जीत हुई है और 4 बार ननकी राम ने बाजी मारी है। यही नहीं ये कहें की इस सीट के मास्टर ब्लास्टर खिलाड़ी ननकी राम कंवर रहे हैं तो गलत नहीं होगा। क्योंकि इस सीट से उन्होंने कुल 11 बार चुनाव लड़ा और 6 बार जीत दर्ज की है। 1972 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भारतीय जनसंघ की टिकट पर पहली बार चुनावी चौसर में अपनी बिसात बिछाई। हालांकि यह चुनाव वह कांग्रेस के प्यारे लाल से 10392 वोट से हार गए। लेकिन इसके बाद 1977 में हुए चुनाव में उसकी बिछाई बिसात काम आई और उन्होंने जनता पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ते हुए कांग्रेस के प्यारे लाल को 2055 वोट से हरा दिया। वर्तमान में वे इस क्षेत्र के विधायक हैं और 2018 का विधानसभा चुनाव उन्होंने 18175 वोटों से जीता था। रामपुर सीट में अब तक हुए विधानसभा चुनाव की बात करें तो यहां से कांग्रेस ने 7 बार, भाजपा ने 5 और जनता पार्टी ने एक बार चुनाव जीता है।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह राठिया जो पेसे से एक कृषक हैं जिनकी पत्नी एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं, फूल सिंह राठिया ने अपना पिछला चुनाव अजीत जोगी की छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस से लड़ा था। वे दूसरे नंबर पर रहे थे। चुनाव भाजपा के ननकीराम कंवर ने जीता था। उन्हें 65048 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर रहे फूलसिंह राठिया को 46873 वोट मिले थे। कांग्रेस प्रत्याशी रहें पूर्व विधायक श्यामलाल कंवर तीसरे नंबर पर रहे थे। उन्हें 44261 वोट मिले थे। जिताऊ कैंडिडेट देखते हुए उन्हें कांग्रेस में शामिल करते हुए कांग्रेस ने रामपुर विधानसभा सीट से इन्हें प्रत्याशी उतारा है,
रामपुर विधानसभा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. यहां करीब 65 से 70 फीसदी अनुसूचित जनजाति की आबादी है. इनमें राठिया और कंवर समाज के लोग ज्यादा हैं. दोनों ही समाज के लोग आदिवासी हैं. यहां गोंड, पहाड़ी कोरवा, बिहोर जनजाति के लोग भी रहते हैं. करीब 25 से 30 फीसदी आबादी ओबीसी और सामान्य लोगों की है. यानि पार्टियों का फोकस राठिया और कंवर समाज पर ज्यादा रहता है. इसी वजह से प्रत्याशी भी इन्हीं समाज से खड़े किए जाते हैं, फिलहाल आज 17 नवंबर को मतदान होना है देखना होगा की कौन से फूल को जनता का जनादेश मिलता है ।

















