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भवानी मंदिर हसदेव नदी के किनारे बायपास मार्ग पुल के पास जल संसाधन की जमीन पर राखड़ पाट कर किया जा रहा बेजा कब्जा, संबंधित विभागों की मौन स्वीकृति, बरसात होने से हसदेव नदी में बहकर पहुंच रही राख

छत्तीसगढ़/कोरबा :- वैसे तो जिले में पावर प्लांट की राख सरकारी जमीनों पर पाट कर सैकड़ो एकड़ जमीन भू माफियाओं द्वारा हथिया ली गई है कई जमीने राजस्व विभाग के करामाती अधिकारियों जादू के कलम से मसाहती गांव की जमीने उड़कर सरकारी जमीनों में चुपचाप आकर बैठा दी गई जिन सरकारी जमीनों पर भू माफियाओं ने राखड़ पटवाया था,       

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यहां तक की हसदेव नदी के किनारे जल संसाधन की जमीनों में पूरी बस्ती ही बस गई, अब जो यदा-कदा कहीं भी सरकारी जमीन बची हुई है भूमाफिया खोज खोज कर राखड़ पाट कर कब्जा कर रहे हैं, 

ताजा मामला प्रकाश में आया है जहां भवानी मंदिर से लगे हुए हसदेव नदी के किनारे बायपास मार्ग पुल के पास एक बड़े जल संसाधन विभाग के भूभाग में पावर प्लांट की राख पाट कर एक भूमाफिया द्वारा बेजा कब्जा किया जा रहा है बरसात के कारण जमीन पर पाटी गई राख बहकर हसदेव नदी में जा रही है जिससे हसदेव नदी का पानी प्रदूषित हो रहा है वही इस नदी का पानी जिन खेतों में जा रहा है वहां के खेत बंजर हो रहे हैं इसके साथ-साथ इस पानी से नहाने वाले लोगों चर्म रोग जैसे गंभीर बीमारियां आमंत्रण दे रही है, वही नदी के आसपास जल संसाधन की जमीन को निजी जमीन बताते हुए कई भू माफियाओं द्वारा पावर प्लांट की राख पाटकर बेजा कब्जा किया जा रहा है, सूत्र बताते हैं कि पुराने रिकॉर्ड में यह जमीने जल संसाधन विभाग की सरकारी जमीनें हैं लेकिन कुछ वर्षों में ही जमीनों के उलटफेर कर सरकारी जमीन को निजी बना लिया गया है, इस मामले को लेकर पर्यावरण विभाग जल संसाधन विभाग राजस्व विभाग सभी की मौन स्वीकृति नजर आ रही है जो कारवाही करने की बजाय संरक्षण देते नजर आ रहे हैं, क्या यही नवा छत्तीसगढ़ है ।

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