छत्तीसगढ़/कोरबा :- राहुल गांधी को 2 साल की सजा सुनाए जाने के बाद जहां देश में कांग्रेसियों द्वारा प्रदर्शन किए जा रहे हैं वही छत्तीसगढ़ में नजदीकी चुनाव के मध्य नजर चुनावी सरगर्मी तेज होती दिखाई दे रही है आज शुक्रवार को ऊर्जा की नगरी कोरबा में सियासी पारा काफी गर्म रहा। यहां नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत विकास कार्यों में भेदभाव बरतने और मूलभूत सुविधाओं एवं समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर भाजपाईयों ने प्रशासनिक भवन साकेत का घेराव कर दिया जहां भाजपा नेत्री रितु चौरसिया महापौर राज किशोर प्रसाद के फर्जी जाति मामले पर कारवाही नहीं होने और समस्याओं के निराकरण नहीं होने का आरोप लगाया, भाजपाइयों ने प्रदर्शन के दौरान साकेत भवन के अहाता गेट को पार करते हुए मुख्य द्वार पर पहुंच गए और ताला जड़ कर प्रदर्शन किया फिर जिलाधीश के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट, नियमितीकरण, सड़क, नाली निर्माण आदि के मुद्दों पर महापौर राजकिशोर प्रसाद को घेरते हुए भाजपा के नेताओं व संगठन पदाधिकारियों ने उद्बोधन दिए और नारेबाजी की। यहां प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ भाजपा नेताओं की झूमा-झटकी भी हुई। 
यह प्रदर्शन शांत हुआ ही था कि शाम को युवा कांग्रेस के नेताओं ने भाजपा कार्यालय पंडित दीनदयाल कुंज में धावा बोल दिया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद राहुल गांधी को सूरत के एक न्यायालय द्वारा 2 साल की सजा सुनाए जाने के बाद संसद सदस्यता निरस्त करने इस संबंधी सूचना का देशभर में कांग्रेसी विरोध कर रहे हैं। इसी सिलसिले में युवा कांग्रेसियों ने जिला भाजपा कार्यालय में धावा बोलकर भवन और बैनर, पोस्टर पर कालिख पोती। टायर जलाए गए एवं नारेबाजी की गई। यहां पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी और उनके ही सामने कालिख पोतने के साथ-साथ बैनर,पोस्टर फाड़े गए। पुलिस ने भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्ती दिखाई। भाजपा कार्यालय में घुसकर प्रदर्शन और कालिख पोतने की घटना आम होते ही भाजपा के नेताओं ने इसके विरोध में सीएसईबी चौक पहुंचकर प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दिया। इनके द्वारा मांग की जा रही है कि जिन लोगों ने भी पार्टी कार्यालय में घटना को अंजाम दिया है उनके विरुद्ध एफआईआर और गिरफ्तारी की कार्रवाई तत्काल की जाए। यहां पुलिस हालातों को संभालने में जुटी हुई है और प्रशासन के द्वारा सभी मामलों में निगरानी रखी जा रही है। कुल मिलाकर जिले का भी सियासी पारा स्थानीय और देश-प्रदेश स्तर के मुद्दे पर काफी गर्म है, जो राहुल गांधी के राजनीतिक जीवन और छत्तीसगढ़ में आने वाले निकटतम चुनाव के मद्देनजर देखा जा रहा है । 













