छत्तीसगढ़/कोरबा :- स्वास है तो जिंदगी है सुर है तो गीत है और जीवन में खुशियां व आनंद है तो जीवन संगीत है और संगीत में जब भक्ति की उपासना हो तो फिर वह परमानंद है प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरी विश्वविद्यालय द्वारा सत्यम शिवम सुंदरम आनंद मेले में सीएसईबी फुटबॉल मैदान परिसर में शिव भजनों व देवी गीतों पर आधारित गायन प्रतियोगिता का कार्यक्रम आयोजित किया गया इसके 2 दिन पूर्व ऑडिशन का कार्यक्रम रखा गया था जहां नगर के अनेक स्थानों से प्रतिभागियों ने पहुंचकर अपनी प्रतिभा दिखाई. चयनित प्रतिभागियों को दूसरे दिन देर शाम कोफाइनल राउंड में अपना प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला सभी कलाकारों ने एक से एक अपनी प्रस्तुतियों से समा बांधा जिसमें प्रथम विजेता सुमन चौहान बनी द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहे प्रतिभागी को अतिथियों द्वारा मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया अन्य प्रतिभागियों को प्रशस्ति प्रमाण पत्र दिया गया इस अवसर पर सेवा केंद्र की मुख्य संचालिका ब्रह्माकुमारी रुकमणी ने कहा कि आनंद हमारे जीवन में तभी आता है जब सत्य का पहचान होता है जब स्वयं की पहचान हो जाती है तब सत्य परमात्मा की भी पहचान हो जाती है तो परमात्मा है सत्यम शिवम सुंदरम जिसका अर्थ है कल्याणकारी संसार में उनके जैसा सुंदर कोई नहीं इस अवसर पर प्रतियोगिता में निर्णायक भूमिका के लिए अतिथि के रूप में सप्त देव मंदिर समिति के ट्रस्टी अशोक मोदी, कलाकार संघ के अध्यक्ष गुलशन अरोरा,कमला नेहरू महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ प्रशांत बोपापुरकर व अन्य अतिथि भी उपस्थित थे गुलशन अरोरा जी ने कहा कि फिल्मी गीतों पर प्रतियोगिता अपने जगह पर सही है परंतु जब अध्यात्मिक गीतों पर प्रतियोगिता होती है तो इससे लोगों का धर्म के प्रति और अधिक रुझान बढ़ता है और भजन गाकर बच्चे निखरती भी हैं और उन्हें आनंद भी आता है कमला नेहरू महाविद्यालय के प्राचार्य प्रशांत भोपापुर कर ने कहा कि अपने दैनिक जीवन में कार्य करते हुए अपने लिए कुछ अतिरिक्त समय निकालकर ऐसे कार्य करें जो हमारे मन को शांति दे सभी अतिथियों ने अपने भाव से अभिभूत किया अतिथियों को आयोजकों द्वारा मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया कार्यक्रम के अंत में प्रथम स्थान प्राप्त प्रतिभागी सुमन चौहान ने कहा कि यहां आकर मुझे बहुत शांति की अनुभूति हुई साथ ही संस्था के भाई बहनों का आशीर्वाद सदा मिलते रहने की मंगल कामनाएं की











