छत्तीसगढ़/कोरबा :- ग्राम पंचायत रजगामार में करोड़ों के घोटाले की शिकायत बीते दिनों दो पक्षो द्वारा की गई थी जिसकी जांच पड़ताल चल रही है शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं इसी बीच अब यह जांच उस दौरान ग्राम पंचायत में हुए कार्यों में सामग्री आपूर्ति करने वाले वेंडरों तक पहुंच गई है की उस दौरान अगर इतना बड़ा घोटाला हुआ है तो क्या फर्जी बिल के माध्यम से किया गया आदि की बारीकी से जांच की जा रही है,

ग्राम पंचायत रजगामार में गम्भीर आरोपों के जांच के बीच जिला पंचायत सीईओ पर 40 से 50 व्यापारियों (सामग्री आपूर्तिकर्ता वेंडरों) को नोटिस देकर बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया है।जिला चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज कोरबा के अध्यक्ष योगेश जैन ने जिला पंचायत सीईओ को ही पत्र लिखकर व्यापारियों को बेवजह तंग न करने की बात कही गई है।शुक्रवार को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा को चेम्बर ऑफ कॉमर्स द्वारा लिखे पत्र में उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत रजगामार में सरपंच सचिव द्वारा घपला किया गया है।व्यापारियों द्वारा बिल एवं सामान की आपूर्ति करने के पश्चात ही ग्राम पंचायत द्वारा राशि का भुगतान किया गया है। बावजूद आपके द्वारा 40 -45 व्यापारियों को पत्र क्रमांक 163 दिनांक 31 जनवरी के माध्यम से नोटिस दिया गया है।जिसके संदर्भ में 2 फरवरी को प्रातः 11 से 2 बजे तक व्यापारियों को जिला पंचायत में बुलाकर पूछताछ की गई। बेवजह व्यापारियों को तंग न करें,आपके सरपंच -सचिव व अन्य कर्मचारियों को तलब करें,उन्हीं से पूछताछ करने का उल्लेख है। अब सवाल उठता है सांच को आंच कैसा ?











