छत्तीसगढ़/कोरबा :- सरकार की महत्वकांक्षी योजना अनुरूप कटघोरा में मेटरनिटी चाइल्ड हेल्थ सेंटर के नाम से केंद्र व राज्य सरकार द्वारा 10 करोड़ की लागत से 50 बिस्तर का मातृ एवं शिशु स्वास्थ्यअस्पताल का निर्माण तो करा दिया गया है लेकिन जिन माताओं और शिशुओं की सुरक्षित स्वास्थ्य सुविधा एवं देखभाल का दावा किया जाता है जिनके नाम से फंड आता है उनके ही जान से खिलवाड़ किया जा रहा है इस तरह की कड़ाके की ठंड में नवजात शिशु और जन्म देने वाली माताओं को 10 करोड़ के बिस्तर वाले हॉस्पिटल में बिस्तर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है ऐसी ठंड में जच्चा बच्चा को बिस्तर के नाम पर एक प्लास्टिक की पन्नी बिछाने को दी जाती है जच्चा बच्चा हॉस्पिटल के पास के हैं तो घर से बिस्तर लाने में समर्थ है अन्यथा दूरदराज से आए जच्चा-बच्चा को ठिठुरते ठंड में पन्नी पर लेट कर स्वास्थ्य सुविधा लेना मजबूरी हो गया है अस्पताल में भर्ती जच्चा बच्चा एवं उनके परिजनों ने बताया कि बिस्तर में बिछाने के नाम पर पन्नी दी जाती है इसके अलावा ना तो चद्दर कंबल दिया जाता है कभी कबार ज्यादा परेशानी या बिस्तर नहीं लाने की स्थिति में मांगने पर किसी किसी को कंबल मात्र दिया जाता है वहीं मरीजों ने बताया कि समय पर डॉक्टर भी हॉस्पिटल में उपस्थित नहीं होते हैं अस्पताल परिसर में ही डॉक्टरों का निवास स्थान है बावजूद इसके मरीज घर के बाहर डॉक्टरों को फोन लगाते एवं उनके डोरबेल बजाते रह जाते हैं पर डॉक्टर के परिजन निकलने के बाद भी मरीजों से बात करना मुनासिब नहीं समझते हैं और ना ही डॉक्टर घर से निकल कर उनसे या उनकी समस्याओं से रूबरू होते हैं डॉक्टरों को फोन लगाने के बाद भी डॉक्टर फोन में बात नहीं करते हैं जिससे मरीजों को मायूस होना पड़ता है ।











