छत्तीसगढ़/कोरबा :- महिलाओं एवं युवाओं द्वारा किए गए चक्का जाम से नाही शासन नाही प्रशासन नाही फैक्ट्री संचालक किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता, यहां तक कि यहां के स्थानीय पार्षद व जनप्रतिनिधि भी मौन साधे हुए हैं चाहे जनता जिए या मरे उनके बच्चे वह बड़े बुजुर्ग चाहे फिसल कर दुर्घटना के शिकार हो जाएं किसी जनप्रतिनिधि व पार्षद को कोई फर्क नहीं पड़ता सब अपनी व्यवसायिक व राजनीतिक रोटी सेकने में लगे हुए हैं ।
इन्हीं समस्याओं के समाधान हेतु आज परसाभाटा वार्ड की महिलाएं एवं युवा वर्ग सुबह से ही सड़कों पर आवागमन बंद करके सड़कों पर ही अपनी मांगों को लेकर बैठे हुए हैं परंतु न शासन से ना ही प्रशासन से कोई सक्षम अधिकारी उनसे जाकर मिला है ना ही फैक्ट्री संचालकों में से कोई व्यक्ति उनसे जाकर अब तक उनकी समस्या का समाधान करने हेतु बातचीत किया ना हीं किसी प्रकार की कोई पहल की गई। उनसे बातचीत के दौरान यह पता चला कि वह पीड़ित जनता महिलाओं और बच्चों के साथ दिन भर सड़क पर बैठी रही और उचित आश्वासन व समाधान नहीं मिलने पर अपना आंदोलन जारी रखने की बात कहा है, बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आज तो उन्होंने छोटी गाड़ियों को चलने से बाधित नहीं किया परंतु कल दूसरे दिन समाधान नहीं निकलने पर छोटी गाड़ियां भी पूर्ण रुप से बंद की जा सकती है ।
परसाभाटा बाजार चौक से लेकर बजरंग चौक तक सड़कों की दुर्दशा पर पार्षद व जनप्रतिनिधियों ने मौन साधा तो परेशान होकर स्थानीय महिलाओं एवं युवाओं ने किया चक्का जाम











