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24 घंटे में तीन परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़: पोड़ी उपरोड़ा में सगे भाई-बहन बूटी-दशरथ की मौत, रिंग रोड हादसे में गौरेला-पेंड्रा के युवक-युवती की गई जान

तेज रफ्तार बनी काल, 24 घंटे में दो भीषण सड़क हादसों ने छीनी चार जिंदगियां, दो युवक गंभीर; हादसों से आक्रोशित लोगों ने किया चक्काजाम

छत्तीसगढ़/कोरबा :-  कोरबा जिले में महज 24 घंटे के भीतर हुए दो भीषण सड़क हादसों ने तीन परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। पहले हादसे में बांगो थाना क्षेत्र के पोड़ी उपरोड़ा में तेज रफ्तार टैंकर की चपेट में आने से सगे भाई-बहन बूटी और दशरथ की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद विवेक गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं दूसरे हादसे में बालको थाना क्षेत्र के रिंग रोड स्थित ढेंगुरनाला पुल के पास कोयला लदे ट्रेलर ने बाइक को टक्कर मार दी, जिसमें गौरेला-पेंड्रा निवासी एक युवक और एक युवती की मौके पर ही जान चली गई तथा उनके साथ बाइक पर सवार तीसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।     

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पहला हादसा मंगलवार को कटघोरा–अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर पोड़ी उपरोड़ा के पास हुआ। गोस्वामी मोहल्ला, कोनकोना निवासी तीन नाबालिग बच्चे स्कूटी से दुकान जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार टैंकर ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे में सगे भाई-बहन बूटी और दशरथ की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि विवेक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया।

दूसरा हादसा बालको थाना क्षेत्र के रिंग रोड पर ढेंगुरनाला पुल के पास हुआ। कोयला लदे ट्रेलर और बाइक की आमने-सामने की भिड़ंत इतनी भीषण थी कि बाइक सवार युवक और युवती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के अनुसार तीनों गौरेला-पेंड्रा-मरवाही क्षेत्र के निवासी हैं और नीट की तैयारी के लिए बिलासपुर में रह रहे थे। घूमने के उद्देश्य से कोरबा आए थे, लेकिन यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित हुआ। घायल युवक का मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार जारी है। ट्रेलर चालक को हिरासत में लेकर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

दोनों हादसों के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। पोड़ी उपरोड़ा तथा बालको क्षेत्र में स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने सड़क पर चक्काजाम कर प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाइश देकर यातायात बहाल कराया तथा आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

इन लगातार हो रहे सड़क हादसों ने एक बार फिर तेज रफ्तार, लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विडंबना यह है कि कोरबा पुलिस लगातार “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत हेलमेट पहनने, निर्धारित गति से वाहन चलाने, ओवरलोडिंग और लापरवाही से बचने के लिए जागरूकता अभियान चला रही है। इसके बावजूद दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।

विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क पर कुछ सेकंड की लापरवाही पूरे परिवार की जिंदगी बदल सकती है। तेज रफ्तार न केवल वाहन चालक बल्कि सड़क पर चल रहे निर्दोष लोगों के लिए भी जानलेवा साबित हो रही है। प्रशासन के साथ-साथ वाहन चालकों और आम नागरिकों को भी यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा, तभी ऐसे दर्दनाक हादसों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

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