छत्तीसगढ़/कोरबा :- कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आमजन की समस्याएं एक बार फिर प्रमुखता से सामने आईं। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने नागरिकों से सीधे संवाद करते हुए उनकी शिकायतें सुनीं और संबंधित विभागों को त्वरित एवं पारदर्शी निराकरण के निर्देश दिए। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने कुल 96 आवेदन प्रस्तुत किए।
जनदर्शन के दौरान कई मामलों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। ग्राम कोथारी के विजेन्द्र पाटले ने सूदखोरी के आरोपियों पर कार्रवाई न होने और उरगा पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। वहीं ग्राम पोलमी के खिलावन डिक्सेना ने बिजली विभाग की उड़नदस्ता टीम पर अवैध वसूली का आरोप लगाकर गंभीर शिकायत दर्ज कराई।
ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से सामने आए। ग्राम सतरेंगा की सरपंच बंधन बाई ने छातासरई से खोखराआमा तक सड़क निर्माण की धीमी गति पर असंतोष जताया। चचिया के फूलसिंह ने भारतमाला परियोजना से प्रभावित क्षेत्र में बोर मुआवजा नहीं मिलने की बात रखी।
भूमि विवाद और सीमांकन की समस्याएं भी बड़ी संख्या में सामने आईं। कुरूडीह, नेवसा और सुतर्रा के आवेदकों ने सीमांकन में गड़बड़ी और पटवारी की कार्यशैली पर सवाल उठाए। वहीं कोराई-सतरेंगा के बालीराम ने वन अधिकार पट्टा की जमीन हड़पने की शिकायत कर भूमि वापसी की मांग की।
आर्थिक सहायता और भुगतान से जुड़े मामलों में भी लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। रौनाढाप के बंशीलाल ने आरबीसी 6-4 के तहत सहायता की मांग की, जबकि बांधाखार की सुनंदा पटेल ने फसल सर्वेक्षण के लंबित भुगतान की गुहार लगाई। स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने कटघोरा में स्थायी शेड निर्माण की मांग रखी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को समयसीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल एवं ओंकार यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।











