छत्तीसगढ़/कोरबा-दीपका :- एसईसीएल (SECL) दीपका क्षेत्र के प्रगति नगर स्थित बी-टाइप आवासीय परिसर में पेयजल सुविधा विस्तार के तहत चल रहे कार्य को लेकर स्थानीय रहवासियों ने गंभीर आपत्तियां जताई हैं। रहवासियों का आरोप है कि छतों पर बनी मजबूत कंक्रीट की पानी टंकियों को तोड़कर उनकी जगह कम क्षमता वाली सिंटेक्स टंकियां लगाई जा रही हैं। साथ ही निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा, जिससे लोगों की जान-माल को खतरा पैदा हो गया है।
रहवासियों का कहना है कि पहले से बनी कंक्रीट की टंकियां मजबूत थीं और पर्याप्त जल भंडारण क्षमता रखती थीं। ऐसे में उन्हें हटाकर सिंटेक्स टंकियां लगाने की आवश्यकता समझ से परे है। लोगों ने आरोप लगाया कि कार्य में उपयोग की जा रही पाइप और अन्य सामग्री की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है। उन्होंने पूरे टेंडर और सामग्री की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि तीन मंजिला इमारत की छत से भारी कंक्रीट का मलबा उतारने के लिए आवश्यक मशीनों का उपयोग नहीं किया जा रहा। इसके बजाय टीन की चादरों से अस्थायी नालीनुमा ढांचा बनाकर मलबा सीधे नीचे गिराया जा रहा है, जिससे कंक्रीट के बड़े टुकड़े आसपास बिखर रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार इस दौरान गिरते मलबे से कुछ लोगों को चोटें आई हैं, कई दोपहिया और अन्य वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं तथा कुछ आवासों को भी नुकसान पहुंचा है। इससे पूरे परिसर में भय का माहौल बना हुआ है।
रहवासियों ने एसईसीएल प्रबंधन से पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए कार्यस्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने, निर्माण सामग्री की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने तथा नियमों की अनदेखी करने वाले संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की है।











