छत्तीसगढ़/कोरबा-दीपका :- साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के दीपका क्षेत्र में कार्यरत ठेका कंपनी कलिंगा कमर्शियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (केसीसीएल) के खिलाफ श्रमिकों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। मजदूरों की मांगों को लेकर बुधवार को बुलाई गई बैठक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद नाराज श्रमिकों ने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान कर दिया है।
इससे पहले बड़ी संख्या में माइनिंग स्टाफ, सुपरवाइजर, मैकेनिक और हेल्पर्स ने अर्धनग्न (बिना शर्ट) होकर एसईसीएल दीपका क्षेत्र के महाप्रबंधक कार्यालय तक मार्च निकालते हुए अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा था। श्रमिकों का आरोप है कि कंपनी द्वारा लगातार श्रम कानूनों और निर्धारित वेतनमान की अनदेखी की जा रही है।
एचपीसी दरों के उल्लंघन का आरोप
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि हाई पावर कमेटी (एचपीसी) द्वारा निर्धारित वेतन दरों के अनुरूप भुगतान नहीं किया जा रहा है। वहीं, माइनिंग सुपरवाइजर, मैकेनिक एवं हेल्पर्स को कोल इंडिया के प्रावधानों के अनुसार वैधानिक मजदूरी नहीं मिलने से कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि यह अनुबंध की शर्तों और श्रम नियमों का खुला उल्लंघन है।
बैठक रही बेनतीजा, बढ़ा असंतोष
दिनांक 10 जून 2026 को केसीसीएल प्रबंधन की ओर से श्रमिकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन बैठक में किसी भी मांग पर ठोस निर्णय या सकारात्मक आश्वासन नहीं मिलने से वार्ता बेनतीजा समाप्त हो गई। इससे कर्मचारियों में असंतोष और गहरा गया है।
13 जून तक दिया अल्टीमेटम, 14 जून से चक्का जाम की चेतावनी
श्रमिकों ने एसईसीएल और केसीसीएल प्रबंधन को 13 जून तक का समय देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो 14 जून से कलिंगा कंपनी का कार्य पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इसके साथ ही खदान क्षेत्र के चांदनी चौक और केसीसी कैंप गेट पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि यदि इसके बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। श्रमिकों ने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति अथवा आर्थिक नुकसान की जिम्मेदारी संबंधित प्रबंधन और प्रशासन की होगी।
बुधवार को आयोजित प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम में कलिंगा कंपनी के माइनिंग स्टाफ, सुपरवाइजर, मैकेनिक एवं हेल्पर्स बड़ी संख्या में एकजुट होकर शामिल हुए।











