छत्तीसगढ़/कोरबा :- कोरबा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। कुछ दिन पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्यों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।
शनिवार को “सुशासन तिहार” कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत लेमरू पहुंचे मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai से पत्रकारों ने इस पूरे प्रकरण पर सीधे सवाल किया। पत्रकारों ने पूछा कि जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्यों की नाराजगी तथा लगाए गए आरोपों को देखते हुए क्या जिला पंचायत सीईओ को हटाने की कार्रवाई की जाएगी?
इस पर मुख्यमंत्री ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए केवल इतना कहा — “देखेंगे।”
मुख्यमंत्री के इस जवाब के बाद जिला पंचायत सीईओ को लेकर संभावित कार्रवाई पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी रही।
गौरतलब है कि इससे पहले जिला पंचायत अध्यक्ष सहित सदस्यों ने सीईओ पर 5 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप लगाते हुए जिला पंचायत कार्यालय के सामने सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी थी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो एक माह बाद कार्यालय में तालाबंदी की जाएगी।
फिलहाल पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार अभियान चल रहा है, ऐसे में प्रशासनिक गलियारों में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि तत्काल कोई बड़ा निर्णय नहीं लिया जाएगा। माना जा रहा है कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री के “देखेंगे” बयान के बाद जिला पंचायत सीईओ मामले में शासन का अगला कदम क्या होगा।













