डेढ़ मीटर खोले गए जलद्वार, कुल 17,837 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा; हसदेव नदी किनारे अलर्ट
सुबह से शाम तक 14 सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर, लगातार बढ़ रही पानी की आवक से प्रशासन की बढ़ी निगरानी
छत्तीसगढ़/कोरबा :- कोरबा जिले के मिनीमाता हसदेव बांगो जलाशय में लगातार हो रही बारिश के बीच पानी की आवक में तेजी से वृद्धि होने के बाद बांध प्रबंधन ने बुधवार शाम तीन जलद्वार खोल दिए। शाम 6.30 बजे तक जलाशय का जलस्तर 358.60 मीटर यानी 93.65 प्रतिशत तक पहुंच गया था। इसके बाद शाम 7 बजे बांध के गेट नंबर 5, 6 और 7 को क्रमशः 0.40 मीटर, 0.70 मीटर और 0.40 मीटर खोला गया। तीनों गेटों की कुल ओपनिंग 1.50 मीटर है।
बांध से पानी छोड़े जाने के बाद हसदेव नदी के जलस्तर में वृद्धि की संभावना को देखते हुए नदी किनारे और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। वर्तमान में बांध के जलद्वारों से 8,837 क्यूसेक तथा जल विद्युत संयंत्र के माध्यम से 9,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इस तरह कुल 17,837 क्यूसेक पानी बाहर प्रवाहित हो रहा है।
कुछ ही घंटों में 14 सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर
जल संसाधन विभाग के अनुसार बुधवार सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे के बीच ही बांगो जलाशय के जलस्तर में 14 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। शाम 4 बजे जलस्तर 358.49 मीटर था, जबकि शाम 6.30 बजे तक यह बढ़कर 358.60 मीटर पहुंच गया। वहीं बांध में पानी की आवक 38,230 क्यूसेक दर्ज की गई थी।
पानी की आवक और जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए विभाग ने पहले ही संकेत दे दिया था कि स्थिति बनी रहने पर रात में तीन या उससे अधिक गेट खोले जा सकते हैं। इसी क्रम में शाम 7 बजे तीन गेट खोलकर जल निकासी शुरू कर दी गई।
हसदेव नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की अपील
जलद्वार खोले जाने के बाद हसदेव नदी के जलस्तर में वृद्धि की संभावना है। इसे देखते हुए नदी किनारे रहने वाले नागरिकों, बाढ़ क्षेत्र में निवास करने वाले लोगों, खनिज खदान ठेकेदारों, औद्योगिक इकाइयों तथा संबंधित संस्थानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन और जल संसाधन विभाग द्वारा संभावित प्रभावित क्षेत्रों में मुनादी कराने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से नदी और उसके आसपास के निचले इलाकों में जाने से बचने तथा अपनी चल-अचल संपत्तियों को सुरक्षित स्थान पर रखने की अपील की गई है।
इन गांवों में विशेष सतर्कता
बांगो, चर्रा, पोड़ी उपरोड़ा, कोनकोना, लेपरा, टुनियाकछार, पाथा, गाड़ाघाट, छिनमेर, कछार, कलमीपारा, सिलीयारीपारा, जूनापारा, तिलाईडाड, डुगुपारा, टुंगुमांड़ा, छिर्रापारा, मछलीबाटा, कोरियाघाट, धनगांव, डोंगाघाट, नरमदा, औराकछार, सोनगुड़ा, जेलगांव, झाबू, नवागांव, तिलसाभाटा, लोतलोता, स्याहीमुड़ी, कोड़ा, हथमार, झोरा एवं सिरकीकला सहित संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
जलस्तर और इनफ्लो पर लगातार नजर
बांगो बांध संभाग क्रमांक-03 माचाडोली के कार्यपालन अभियंता एस.के. भारती ने बताया कि जलाशय के जलस्तर और पानी की आवक पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यदि पानी की आवक में और वृद्धि होती है तो परिस्थितियों के अनुसार अतिरिक्त जलद्वार भी खोले जा सकते हैं।
विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लें और हसदेव नदी, जलाशय तथा संभावित बाढ़ क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। आकस्मिक बाढ़ की स्थिति में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना आवश्यक है।
फिलहाल बांगो बांध से पानी की निकासी शुरू हो चुकी है और बढ़ते जलस्तर तथा पानी की आवक को देखते हुए आने वाले घंटों में स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।












