छत्तीसगढ़/कोरबा :- राज्य सरकार ने कोरबा सहित 19 जिलों के जिला अधिकारी का तबादला कर दिया है। इसके अलावा 18 भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को भी स्थानांतरित किया गया है। इस बारे में आदेश जारी कर दिया गया है । आदेश के अंतर्गत कोरबा जिले की कलेक्टर रानू साहू को रायगढ़ स्थानांतरित किया गया है जबकि अंबिकापुर में सेवा दे रहे संजीव झा को कोरबा जिले की कमान सौंपी गई हैं। पिछले कुछ दिनों से जिला अधिकारियों के तबादले की अटकलें लगाई जा रही थी और आज इस बारे में आदेश जारी हो गया। इन अधिकारियों के हुए ट्रांसफर आदेश को लेकर माना जा रहा है की परफॉर्मेंस के आधार पर कई अधिकारियों का ट्रांसफर बहुत ही कम समय में कर दिया गया है ।
ज्ञात हो कुछ दिन पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कोरबा कलेक्टर को सबसे भ्रष्ट कलेक्टर कहा था जिसके बाद कोरबा कलेक्टर और राजस्व मंत्री के बीच लगातार तकरार जारी थी सूत्रों की माने तो राजस्व मंत्री और कलेक्टर के आपसी तालमेल ना बनने की वजह से शासन ने सबसे कम समय में कोरबा कलेक्टर रानू साहू का तबादला कर दिया है, आपको बता दें कि राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल एक दबंग जनप्रतिनिधि के रूप में जाने जाते हैं जिन्होंने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप में अपने लोगों का हमेशा साथ दिया है यही वजह है कि जब वह सरकार में राजस्व मंत्री नहीं थे और विपक्ष पार्टी की सरकार में विधायक थे तब भी उन्होंने अपने बेबाकी अंदाज के कारण विपक्ष के सत्तापक्ष पर स्थानीय स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करते हुए कई मुश्किलों का सामना किया, हालांकि इन पर व इनके समर्थकों पर कई गंभीर आरोप भी हमेशा से लगते रहे हैं, शायद इसी का फायदा उठाते हुए हमेशा कानून के रखवाले इन पर भारी होने की कोशिश करते रहे लेकिन जयसिंह अग्रवाल हमेशा की तरह जनता के बीच में अपनी गहरी पैठ पर खरा उतरते हुए लोगों के चहेते बने रहे । यही कारण है कि उन्होंने कई मुश्किलों का सामना करते हुए अपने समर्थकों और अपनी अच्छी राजनीति रणनीति के कारण हमेशा सफल रहे । इसके पहले कलेक्टर का विरोध कोरबा अधिवक्ता संघ द्वारा किआ गया था जिसमें कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर देर शाम तक उनके द्वारा हंगामा किया गया था और अंततः कलेक्टर को माफी मांगनी पड़ी थी तब मामला शांत हुआ था ।


















