भृत्य भर्ती में अनियमितता, मध्याह्न भोजन में जातिगत भेदभाव और निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि के अपमान के लगाए आरोप, साक्ष्य सौंपने का दावा
कोरबा/पाली/सिरकीखुर्द :- विकासखंड पाली के ग्राम पंचायत सिरकीखुर्द की उपसरपंच एवं स्थायी शिक्षा समिति की अध्यक्ष कमलेश्वरी दिव्या ने स्कूलों में कथित अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और जातिगत भेदभाव को लेकर जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में उपसरपंच ने आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन के निर्देशों के बावजूद डीएमएफ मद से होने वाली मानदेय भृत्य भर्ती की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। उनका कहना है कि न तो गांव में मुनादी कराई गई और न ही सूचना पटल पर भर्ती संबंधी सूचना चस्पा की गई, जिससे गांव के गरीब एवं पात्र युवाओं को आवेदन करने का अवसर नहीं मिल सका।
उपसरपंच ने पूर्व माध्यमिक शाला सिरकीखुर्द में मध्याह्न भोजन संचालन के दौरान जातिगत भेदभाव होने का भी आरोप लगाया है। उनके अनुसार अनुसूचित जाति वर्ग की भोजन माता को अन्य वर्ग की महिलाओं द्वारा कथित रूप से काम से अलग कर दिया गया, जबकि स्कूल प्रबंधन ने इस मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने 30 जून 2026 को आयोजित स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) की बैठक पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बैठक निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं हुई तथा बैठक के दौरान उनके चयन और परिवार को लेकर आपत्तिजनक एवं अशोभनीय टिप्पणियां की गईं, जिससे एक निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि का अपमान हुआ।
कमलेश्वरी दिव्या का दावा है कि उनके पास पूरे मामले से संबंधित कॉल रिकॉर्डिंग, वीडियो और अन्य दस्तावेजी साक्ष्य उपलब्ध हैं, जिन्हें उन्होंने जिला कलेक्टर को सौंप दिया है।
ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने दोषी प्रधान पाठकों के निलंबन एवं विभागीय कार्रवाई, डीएमएफ मद से चल रही भृत्य भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर पारदर्शी तरीके से पुनः आवेदन आमंत्रित करने, मध्याह्न भोजन समूहों में सभी वर्गों की महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित करने तथा स्कूल प्रबंधन समितियों का पुनर्गठन कर सामाजिक समरसता का वातावरण बनाने की मांग की है।
उपसरपंच कमलेश्वरी दिव्या ने कहा कि वह अनुसूचित जाति समाज से आने वाली ग्राम की निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं। यदि गरीब बच्चों, युवाओं और समाज के अधिकारों के साथ अन्याय होगा तो वह चुप नहीं बैठेंगी। उन्होंने जिला प्रशासन पर निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा जताते हुए कहा कि ग्राम के समग्र विकास से जुड़े प्रस्ताव रखने पर भी कुछ लोगों द्वारा लगातार उनकी उपेक्षा की जाती है।












