डीएमएफ से बदलेगा कोरबा का भविष्य : शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल पर 70% बजट, मंत्री लखनलाल देवांगन बोले– “खनिज संपदा बनेगी जनकल्याण का आधार”
वर्ष 2026-27 के लिए डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में विकास कार्यों को मिली मंजूरी
छत्तीसगढ़/कोरबा :- खनिज संपदा से समृद्ध कोरबा जिले में अब विकास की नई इबारत लिखी जाएगी। जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की शासी परिषद की बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, अधोसंरचना और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े बड़े विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई। बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, आबकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि डीएमएफ अब कोरबा जिले के विकास का मजबूत आधार बन चुका है और खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। 
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष कुणाल दुदावत ने की। इस दौरान सांसद ज्योत्सना महंत, विधायक प्रेमचंद पटेल, तुलेश्वर सिंह मरकाम तथा फूल सिंह राठिया सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे। 
मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप डीएमएफ फंड का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल, आंगनबाड़ी भवन, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल योजनाएं, सड़क और पुल-पुलिया निर्माण जैसे कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत कार्य गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ तय समय सीमा में पूर्ण किए जाएं।
बैठक में यह भी बताया गया कि वर्ष 2026-27 में डीएमएफ की 70 प्रतिशत राशि सीधे उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों—शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल—पर खर्च की जाएगी। शिक्षा क्षेत्र में 255 करोड़ रुपए के बजट से 16 पीएम श्री स्कूलों में वर्चुअल रियलिटी लैब स्थापित की जाएगी तथा खनन प्रभावित विद्यार्थियों के लिए नीट और जेईई की आवासीय कोचिंग सुविधा शुरू होगी। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 67.18 करोड़ रुपए से मोबाइल मेडिकल यूनिट और एम्बुलेंस सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।
पेयजल संकट के समाधान हेतु 150 नए ट्यूबवेल और सौर ऊर्जा संचालित पंप लगाए जाएंगे। पर्यावरण संरक्षण के तहत एंटी-स्मॉग गन, सघन वृक्षारोपण और ग्रीन बेल्ट विकास पर भी विशेष फोकस रहेगा। इसके साथ ही जिले के 5 विकासखंडों के 782 गांवों में व्यापक बेसलाइन सर्वे कर आगामी पांच वर्षों की विकास परिप्रेक्ष्य योजना तैयार की जाएगी।
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने बताया कि डीएमएफ कार्यों की निगरानी के लिए निर्माण पोर्टल शुरू किया गया है, जहां आम नागरिक भी परियोजनाओं की प्रगति और फंड उपयोग की जानकारी देख सकेंगे। शिकायतों के समाधान के लिए टोल-फ्री नंबर भी जारी किया गया है।
सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने कहा कि डीएमएफ के माध्यम से कोरबा जिले को विकास की नई पहचान मिलेगी और यह जरूरी है कि प्रत्येक कार्य गुणवत्ता एवं समय-सीमा के भीतर पूरा हो, ताकि आम लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सके।













