छत्तीसगढ़/कोरबा :- कोरबा जिले में इन दिनों अवैध चकना दुकानों की बाढ़ सी आ गई है आबकारी विभाग के संरक्षण में फल फूल रहे इन अवैध चखना दुकानों मे खुलेआम दिन के उजाले में शराब पिलाई जा रही है, रात को शराबियों का मेला लगता है इस अवैध चखना दुकानों से जहां युवा वर्गों में शराब की लत बढ़ती जा रही है वही आबकारी विभाग को इन अवैध चखना दुकानों से मोटी कमाई भी हो रही है, और वहां का वातावरण तो दूषित होता ही है साथ ही कानून का उल्लंघन हो रहा है, यह हाल लगभग लगभग जिले के हर ब्लॉक के शराब दुकानों में जो आउट एरिया में संचालित हो रही है वहां आबकारी विभाग के संरक्षण में यह फल फूल रहा है, जिसको नियंत्रण करने आबकारी विभाग के अलावा कोई भी संबंधित विभाग सामने आते नहीं दिखाई दे रहे हैं, 
पाली ब्लॉक की बात करें तो यहां आबकारी विभाग के संरक्षण में अवैध चकना दुकानों में खुलेआम शराब पिलाई जा रही है पाली क्षेत्र के इस शराब दुकान के पास आईटीआई कॉलेज है तहसील ऑफिस है जहां कॉलेजों मे बच्चे पढ़ने जाते हैं वही तहसील कार्यालय में अनेक लोगों का आना जाना लगा रहता है कई बार इन चखना दुकानों में शराबियों द्वारा शराब पीकर आते समय स्कूली बच्चों और तहसील कार्यालय में पहुंचने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है जिससे लोगों के आत्मसम्मान में ठेस पहुंचती है, और ग्लानि महसूस करते हैं, 1 माह पूर्व सुर्खियां न्यूज़ ने पाली मदिरा दुकान के पास संचालित इन अवैध चखना दुकानों की खबर प्रमुखता से प्रकाशित किया था जिसके बाद तत्कालीन एसडीएम मनोज खांडे ने इन सभी अवैध चखना दुकानों को बंद कराते हुए हिदायत दी थी की दोबारा ऐसे अवैध चखना दुकानों का संचालन किया गया तो सामान की जब्ती की कार्रवाई की जाएगी, 
लेकिन पाली एसडीएम मनोज खांडे पाली से स्थानांतरण होने के बाद फिर पाली के मदिरा दुकान के आसपास अवैध चखना दुकाने धड़ल्ले से बेखौफ संचालित हो रही है जहां खुलेआम दिन के उजाले में शराब पिलाई जा रही है, जानकारी के मुताबिक बता दें कि एसडीएम मनोज खांडे 15 वर्षों तक भारती सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं अब वह राज्य शासन मे प्रशासनिक सेवा दे रहे हैं वह एक फौजी होने के कारण गलत कार्यों को बर्दाश्त नहीं करते यही कारण है कि पाली क्षेत्र में एसडीएम के पद पर कार्य करते हुए उन्होंने अवैध कार्यों को करने वालों पर अंकुश लगाते हुए कठोर कार्यवाही की थी जिसके बाद कॉल माफियाओं और अवैध कार्य करने वालों के हौसले पस्त हो गए थे लेकिन अब उनके स्थानांतरण के बाद फिर से…
सूत्रों की माने तो यह चखना दुकाने आबकारी विभाग के संरक्षण और कुछ सफेद पोशो के संरक्षण में चलाई जा रही हैं जिससे इनको इन अवैध चखना दुकानों के माध्यम से अवैध मोटी कमाई हो रही है, जरूरत है ऐसे अवैध चखना दुकानों पर ठोस कार्यवाही करने की जिससे स्कूली बच्चों और तहसील कार्यालय में जाने वाले लोगों को परेशानी ना उठाना पड़े और शासन के नियमों को ईमानदारी पूर्वक बरकरार रखा जा सके । लोगों में यह चर्चा है कि जहां एक ओर सरकार ने शराबबंदी की बात की थी वही शराबबंदी तो दूर ऐसे अवैध चखना दुकानों के माध्यम से युवा वर्गों में शराब खोरी की लत बढ़ाने का कार्य कर रही है, जिसके कारण नई युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में तेजी से बढ़ रही है ।
















