छत्तीसगढ़/कोरबा :- प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में कथित अनियमितताओं को लेकर ग्राम पंचायत तिलकेजा में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शिकायत की जांच के बीच जिला पंचायत CEO प्रतीक जैन के नेतृत्व में कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया है। मामले में ग्राम पंचायत तिलकेजा की सचिव श्रीमती नविता दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, जांच को गति देने के लिए जनपद पंचायत कोरबा के विकासखंड समन्वयक देवदत्त श्रीवास को आगामी आदेश तक जिला पंचायत की प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण शाखा में संलग्न किया गया है।
मृतक के नाम पर किस्त जारी करने की शिकायत
जिला पंचायत द्वारा 23 अगस्त 2026 को जारी निलंबन आदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत स्वीकृत आवासों में मृतक के नाम पर किस्त की राशि जारी किए जाने और राशि आहरण सहित अन्य अनियमितताओं से संबंधित शिकायत का उल्लेख किया गया है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच की जा रही थी।
जांच के दौरान संबंधित सचिव से जॉब कार्ड, बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ, मृत्यु प्रमाण पत्र सहित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। आदेश के अनुसार निर्धारित समय में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके अलावा कारण बताओ सूचना पत्र का जवाब नहीं देने तथा जांच में सहयोग नहीं करने का भी उल्लेख निलंबन आदेश में किया गया है।
जांच में सहयोग नहीं करने पर कार्रवाई
जिला पंचायत CEO प्रतीक जैन द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया है कि संबंधित मामले में शासकीय कार्य के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता सामने आने के कारण छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम, 1999 के नियम 4 के तहत कार्रवाई की गई है। निलंबन के साथ ही नविता दुबे का मुख्यालय जनपद पंचायत कोरबा निर्धारित किया गया है।
जांच को भी किया गया मजबूत
तिलकेजा मामले में प्रशासन केवल सचिव के निलंबन तक सीमित नहीं है। इससे पहले 21 अगस्त 2026 को जारी जिला पंचायत के आदेश में जनपद पंचायत कोरबा के विकासखंड समन्वयक देवदत्त श्रीवास को आगामी आदेश तक जिला पंचायत की प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण शाखा में संलग्न किया गया था।
इससे संकेत मिलता है कि प्रशासन मामले से जुड़े दस्तावेजों, हितग्राहियों के रिकॉर्ड, बैंक खातों तथा आवास योजना की किस्तों से संबंधित जानकारी को गंभीरता से खंगाल रहा है।
अब जांच के अगले चरण पर टिकी नजर
तिलकेजा में प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी शिकायत के मामले में दो अलग-अलग आदेशों के बाद प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। सचिव के निलंबन के बाद अब जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
विशेष रूप से यह देखना अहम होगा कि किसके नाम पर आवास स्वीकृत हुए, किन खातों में किस्त की राशि पहुंची, राशि का आहरण किस स्तर पर हुआ और पूरी प्रक्रिया में किन-किन अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका रही।
यदि विस्तृत जांच में अन्य स्तर पर भी अनियमितता या जिम्मेदारी सामने आती है, तो संबंधितों पर कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल तिलकेजा में प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ा यह मामला प्रशासनिक स्तर पर गंभीर जांच के दौर में है और जांच रिपोर्ट के बाद तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

















