छत्तीसगढ़/कोरबा :- कटघोरा वनमंडल के पसान रेंज के जंगल में 23 हाथियों का दल घूम रहा है। ऐसे में क्षेत्र के किसानों को खेतों में लगे फसलों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। शाम ढलने के बाद गांवों में भोजन की तलाश में हाथियों के घुसने की आशंका से जान-माल का नुकसान को रोकने हाथी प्रभावित क्षेत्र के लोग रतजगा करने मजबूर हैं। बता दें कि पसान वन परिक्षेत्र में ग्राम पंचायत चंद्रौटी के आश्रित ग्राम खम्हरिया में दंतैल ने बुधवार की सुबह एक ग्रामीण की जान ले ली है। थरहा को चट कर रहे दंतैल को खदेडऩे के लिए पसान परिक्षेत्र के खम्हरिया निवासी 50 वर्षीय श्यामलाल उरांव पिता रघुवीर सिंह उरांव 10 -12 लोगों के साथ मिलकर हाथी को खदेडऩे के लिए खेत के निकट पहुंचे। ग्रामीणों के खदेडऩे पर हाथी पहले तो भागने लगा, फिर परेशान होकर पलटा और लोगों को दौड़ाने लगा। इस दौरान श्यामलाल हाथी के पकड़ में आ गया और हाथी ने सूंड से उठाकर उसे पटक दिया। इससे घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई। हाथी-मानव द्वंद रोकने वन विभाग के तमाम उपाय फेल साबित हो रहे हैं। संबंधित विभाग के सौर फेंसिंग, कालर आइडी, हूटर जैसे तकनीकी साधनों का उपयोग हाथियों को जंगल से गांव की ओर आने में नहीं रोक पाए, बता दें कि इन दिनों धान सहित अन्य में विशेष रूप से केला, बांस हाथियों का पसंदीदा आहार है इसी के चलते हाथी ऐसी जगहों में विचरण करते हुए देखे जाते हैं वन विभाग हमेशा महुआ और धान हाथियों को आकर्षित करने वाला मुख्य आहार बताया है जिसे कारण हाथी उसकी सुगंध से आकर्षित होकर शायद उन्हीं घरों में खाने के लिए पहुंचते हैं जहां यह सामग्री मौजूद होती हैं जरूरत है सतर्कता बरतने की वही बृहस्पतिवार को शाम लगभग 3:30 बजे केंदई रेंज के ग्राम परला कपनवपारा में सड़क पार करते हाथियों के दल को देखा गया जिसमें लगभग 17 से अधिक हाथी देखे गए वन विभाग द्वारा वनांचल क्षेत्रों में खासकर वर्षा ऋतु में जंगली जानवरों सहित हाथियों से सतर्क रहने को कहा गया है और जरूरत पड़ने पर वन विभाग के अधिकारियों सहित अन्य अधिकारियों की मदद ग्रामीणों द्वारा ली जा सकती है ।
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