छत्तीसगढ़/कोरबा :- एसईसीएल प्रभावित बांकीमोंगरा क्षेत्र में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं ने आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। आए दिन हो रही लूट, चोरी और मारपीट की घटनाओं के कारण क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बनता जा रहा है। लगातार सामने आ रही वारदातों के बाद अब पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
हाल ही में वाहन चालक के साथ मारपीट कर स्कॉर्पियो वाहन लूटे जाने की सनसनीखेज घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ था, वहीं अब मोबाइल लूट की दो नई घटनाओं ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार 9 जून की दरमियानी रात दो अलग-अलग लोगों से अज्ञात बदमाशों ने मोबाइल फोन लूट लिए। पीड़ितों ने थाना बांकीमोंगरा पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई है। बताया जा रहा है कि सुनसान स्थानों का फायदा उठाकर बदमाश वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
लगातार बढ़ रही वारदातों से लोगों में नाराजगी
क्षेत्रवासियों का कहना है कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, जबकि पुलिस अपराध नियंत्रण के दावों तक ही सीमित दिखाई दे रही है। लोगों ने रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने, संदिग्ध तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने और सक्रिय अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कोयला और डीजल चोरी से जुड़े गैंगों की सक्रियता पर चर्चा
सूत्रों के मुताबिक एसईसीएल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण यहां कोयला चोरी और डीजल चोरी से जुड़े कई गिरोह लंबे समय से सक्रिय हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन गिरोहों से जुड़े कुछ असामाजिक तत्व नशे की हालत में विभिन्न आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार हो रही घटनाओं के कारण लोगों के बीच ऐसी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पत्रकार पर हमले के मामले में भी कार्रवाई का इंतजार
बीते दिनों एक पत्रकार पर 25 से 30 लोगों द्वारा सामूहिक रूप से हमला किए जाने का मामला भी काफी चर्चा में रहा। आरोप है कि हमलावर लाठी-डंडों और घातक हथियारों से लैस थे तथा घटना के दौरान फायरिंग भी हुई थी। गंभीर रूप से घायल पत्रकार को मृत समझकर आरोपित मौके से फरार हो गए थे। इस चर्चित मामले में अब तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से भी लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि घटना के चार दिन बीतने के बावजूद भी बाकी मोगरा पुलिस घायल पत्रकार का बयान लेने तक नहीं पहुंची ।
संरक्षण किसका, जांच की मांग
लगातार बढ़ते अपराधों के बीच यह सवाल भी उठने लगा है कि आखिर अपराधियों को संरक्षण किसका मिल रहा है। क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि पुलिस को केवल वारदातों के बाद कार्रवाई तक सीमित न रहकर अपराध के नेटवर्क और इसके पीछे सक्रिय तत्वों की भी गहन जांच करनी चाहिए, ताकि क्षेत्र में स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण स्थापित हो सके।
अब पुलिस के सामने बड़ी चुनौती
बांकीमोंगरा में लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद पुलिस के सामने अपराधियों पर प्रभावी लगाम लगाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन अपराधियों के खिलाफ क्या ठोस कदम उठाता है और आम जनता को सुरक्षा का भरोसा दिलाने में कितना सफल होता है। यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र में अपराध का ग्राफ और बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।













