छत्तीसगढ़/कोरबा :- जिले में चलाए जा रहे “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत कोरबा पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल करते हुए 150 गुम मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंपे हैं। बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 26 लाख 62 हजार 410 रुपये बताई गई है। मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों के चेहरों पर खुशी लौट आई और उन्होंने कोरबा पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए पुलिस अधिकारियों एवं साइबर टीम का आभार जताया।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में संचालित इस अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कटघोरा नीतिश ठाकुर तथा नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी के दिशा-निर्देशन में साइबर पुलिस थाना प्रभारी निरीक्षक ललित चंद्रा के नेतृत्व में साइबर सेल और साइबर पुलिस थाना की टीम ने सीईआईआर (CEIR) पोर्टल की मदद से गुम मोबाइलों का पता लगाकर उन्हें बरामद किया।
साइबर पुलिस थाना तथा जिले के सभी थाना एवं चौकी स्टाफ के संयुक्त प्रयास से विभिन्न जिलों और राज्यों से मोबाइल फोन ट्रेस किए गए। इस अभियान में उप निरीक्षक अजय सोनवानी और साइबर टीम की विशेष भूमिका रही।
बरामद किए गए मोबाइल फोन एप्पल, सैमसंग, ओप्पो, वीवो, रेडमी, रियलमी और वनप्लस जैसी कंपनियों के हैं, जो अलग-अलग स्थानों पर गुम हो गए थे। तकनीकी सहायता और सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से इनकी पहचान कर वास्तविक मालिकों तक पहुंचाया गया।
कोरबा पुलिस के अनुसार पिछले पांच महीनों में 300 से अधिक गुम मोबाइल फोन खोजकर उनके मालिकों को वापस दिलाए जा चुके हैं। लगातार की जा रही इस कार्रवाई से आम नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है और सुरक्षा की भावना भी बढ़ी है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने की स्थिति में तत्काल सीईआईआर पोर्टल, साइबर सेल अथवा नजदीकी थाना में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि तकनीकी सहायता से शीघ्र कार्रवाई कर मोबाइल बरामद किया जा सके। वहीं साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।











