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महिलाओं की मेहनत से सजा ‘ब्लैक मेज़’, बालको ने गढ़ी आत्मनिर्भरता की नई इबारत

प्रोजेक्ट उन्नति की 6000 से अधिक महिलाएं बनीं बदलाव की मिसाल, बालकोनगर में शुरू हुआ आधुनिक फाइन डाइनिंग कैफे

छत्तीसगढ़/कोरबा-बालकोनगर :- औद्योगिक नगरी बालकोनगर में महिला सशक्तिकरण की एक नई और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा संचालित ‘प्रोजेक्ट उन्नति’ से जुड़ी महिलाओं ने अब अपनी मेहनत, हुनर और आत्मविश्वास के दम पर ‘ब्लैक मेज़’ नामक आधुनिक फाइन डाइनिंग कैफे की शुरुआत कर दी है। गुरुवार को बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री राजेश कुमार सिंह ने इसका शुभारंभ किया।   
यह कैफे केवल स्वादिष्ट व्यंजनों का केंद्र नहीं, बल्कि महिलाओं के संघर्ष, आत्मनिर्भरता और सामाजिक बदलाव की जीवंत मिसाल बनकर उभरा है। आकर्षक साज-सज्जा, छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक और आत्मविश्वास से मेहमानों का स्वागत करती महिलाएं इस पहल को खास बनाती हैं।   
कभी ‘उन्नति चौपाल’ के रूप में छोटे फास्ट-फूड केंद्र से शुरू हुई यह पहल आज 50 से अधिक लोगों की बैठने क्षमता वाले आधुनिक फाइन डाइनिंग कैफे में बदल चुकी है। यहां निजी आयोजनों और विशेष अवसरों के लिए अलग डाइनिंग स्पेस भी तैयार किया गया है।
बालको के सीईओ श्री राजेश कुमार सिंह ने कहा कि कंपनी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि आसपास के क्षेत्रों की 6000 से अधिक महिलाएं आज प्रोजेक्ट उन्नति के माध्यम से अपने परिवारों के विकास और सम्मानजनक आजीविका की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ‘ब्लैक मेज़’ जैसी पहलें अन्य महिलाओं को भी उद्यमिता की ओर प्रेरित करेंगी।
‘ब्लैक मेज़’ की सबसे बड़ी ताकत यहां काम करने वाली स्वयं सहायता समूह की महिलाएं हैं। कभी केवल गृहिणी तक सीमित रहने वाली इन महिलाओं को बालको द्वारा व्यंजन कला, आतिथ्य सेवा, ग्राहक प्रबंधन, उद्यमिता और खाद्य गुणवत्ता जैसे क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसी प्रशिक्षण ने उन्हें आत्मविश्वास और पहचान दिलाई।
उन्नति समूह की सदस्य निर्मला देशमुख ने कहा कि 2022 में इस पहल से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि बालको ने उनके हुनर को पहचान देकर बड़े मंच तक पहुंचाया। वहीं समूह की सदस्य भारती ने भावुक होकर बताया कि उनकी बेटी ने मजाक में पूछा कि अब घर में उनके हाथ का स्वाद मिलेगा या ‘ब्लैक मेज़’ आना पड़ेगा। इस बात ने उन्हें अपनी उपलब्धि का एहसास कराया।
कैफे के मेन्यू में छत्तीसगढ़ी पारंपरिक व्यंजन, उत्तर भारतीय स्वाद, चाइनीज़ पकवान और लोकप्रिय फास्ट-फूड का विशेष मिश्रण देखने को मिलता है। यहां आने वाले ग्राहक स्वाद के साथ स्थानीय संस्कृति और कला का अनुभव भी कर रहे हैं।
कोरबा से पहुंचे एक ग्राहक ने कहा कि ‘ब्लैक मेज़’ का वातावरण बेहद आकर्षक है और यहां भोजन के साथ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया है।
बालको का ‘प्रोजेक्ट उन्नति’ वर्षों से 560 से अधिक स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बना चुका है। वर्तमान में 6000 से अधिक महिलाएं उन्नति महासंघ के माध्यम से विभिन्न सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
‘ब्लैक मेज़’ आज केवल एक कैफे नहीं, बल्कि महिला नेतृत्व, आत्मविश्वास और सतत उद्यमिता का ऐसा मॉडल बनकर उभरा है, जो समाज में महिलाओं की बदलती भूमिका और नई पहचान को मजबूती से सामने ला रहा है।

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