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जेठ की तपिश में सेहत का संतुलन: आयुर्वेदाचार्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने बताया खान-पान और दिनचर्या का सही तरीका

छत्तीसगढ़/कोरबा :-  हिंदी पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ (जेठ) माह का शुभारंभ 2 मई 2026, शनिवार से हो चुका है। इस वर्ष यह अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) होने के कारण 29 जून 2026 तक चलेगा। तेज गर्मी और बदलते मौसम के बीच इस माह में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है। इसी संदर्भ में छत्तीसगढ़ के ख्यातिलब्ध आयुर्वेद चिकित्सक नाड़ी वैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने विस्तृत जानकारी साझा की।

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ऋतुचर्या का महत्व और शरीर पर प्रभाव

डॉ. शर्मा के अनुसार भारतीय परंपरा में ऋतु के अनुसार आहार-विहार यानी ऋतुचर्या अपनाने की परंपरा रही है। ज्येष्ठ माह में सूर्य की तीव्र गर्मी धरती की शीतलता को सोख लेती है, जिससे वातावरण के साथ-साथ शरीर में भी जल स्तर कम होने लगता है। यही कारण है कि इस समय पर्याप्त जल सेवन और शीतल पेय का महत्व बढ़ जाता है।
उन्होंने सलाह दी कि मटके या सुराही का पानी पीना अधिक लाभकारी होता है। साथ ही लू (सन स्ट्रोक) से बचाव के लिए धूप में निकलने से परहेज करना चाहिए।

 पाचन तंत्र होता है कमजोर

इस मौसम में पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है, जिससे अतिसार, पेट दर्द, बुखार, खांसी जैसे रोगों की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए गरिष्ठ, मसालेदार और अधिक तीखा भोजन, विशेष रूप से लाल मिर्च और बैंगन का सेवन नहीं करना चाहिए।

भोजन की सही आदतें

सुबह का भोजन जल्दी करें
दिन में एक बार भोजन करना अधिक लाभकारी बताया गया है
सूर्यास्त के बाद भोजन से बचें
दोपहर भोजन के बाद थोड़े समय का विश्राम करें
महाभारत में भी उल्लेख है:
“ज्येष्ठामूलं तु यो मासमेकभक्तेन संक्षिपेत्। ऐश्वर्यमतुलं श्रेष्ठं पुमान्स्त्री वा प्रपद्यते।”
अर्थात इस माह में एक समय भोजन करने से व्यक्ति निरोगी और समृद्ध रहता है।
क्या खाएं (हितकारी आहार)
फल: बेल, संतरा, तरबूज, खरबूजा, आम, मौसंबी, सेव, नारियल
अनाज: जौ, ज्वार, चावल, मक्का, सत्तू
दालें: मूंग, मसूर, चना, तुअर
सब्जियां: लौकी, तुरई, करेला, ककड़ी, सहजन, पालक, पुदीना
मसाले: जीरा, धनिया, हल्दी, इलायची, दालचीनी
विशेष रूप से मधुर रस (मीठे पदार्थ) और बेल का सेवन अत्यधिक लाभकारी बताया गया है।
क्या न खाएं (अहितकारी आहार)
अनाज: बाजरा, गेहूं, उड़द
सब्जियां: बैंगन, मूली, फूल गोभी, पत्ता गोभी, टमाटर, चुकंदर
मसाले: काली मिर्च, अदरक
फल: पपीता
अन्य: बासी, तैलीय, अधिक मसालेदार और भारी भोजन

जीवनशैली: क्या करें और क्या न करें

क्या करें
सुबह जल्दी उठें
ताजा और हल्का भोजन करें
अधिक पानी पिएं
सत्तू और रसदार फलों का सेवन करें
योग, प्राणायाम और ध्यान करें
धूप से बचाव रखें
क्या न करें
देर तक सोना
तेज धूप में निकलना
तैलीय व मसालेदार भोजन
अत्यधिक श्रम
रात्रि जागरण
तामसिक आहार

यह सिर्फ एक स्वास्थ्य सलाह नहीं, बल्कि हमारी पारंपरिक जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ज्येष्ठ माह में सही आहार और दिनचर्या अपनाकर न केवल गर्मी के दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है, बल्कि शरीर को निरोग और संतुलित भी रखा जा सकता है।

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