छत्तीसगढ़/कोरबा :- नगर निगम प्रशासन द्वारा बुधवारी बाजार क्षेत्र में ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के उद्देश्य से लघु एवं फुटकर व्यापारियों के लिए “आनंद बाजार वेंडिंग जोन” का निर्माण कराया गया था। इस वेंडिंग जोन पर लगभग 50 लाख रुपये खर्च किए गए, ताकि फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाया जा सके।
लेकिन जमीनी हकीकत इसके ठीक उलट नजर आ रही है। वेंडिंग जोन उपलब्ध होने के बावजूद बड़ी संख्या में फुटकर व्यापारी वहां दुकान नहीं लगाकर फिर से फुटपाथों पर कब्जा जमाए हुए हैं। नतीजा यह है कि बुधवारी बाजार के आसपास की सड़कें संकरी हो गई हैं और दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
स्थिति और गंभीर तब हो जाती है जब सड़क किनारे ही दोपहिया और चारपहिया वाहन भी खड़े कर दिए जाते हैं। इससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते-होते हालात और बदतर हो जाते हैं, जब बाजार में भीड़ बढ़ जाती है और सड़क पर चलना तक मुश्किल हो जाता है। ऐसे में निगम द्वारा बनाए गए वेंडिंग जोन का उद्देश्य पूरी तरह विफल होता दिख रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर फील्ड में तैनात जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी इस अव्यवस्था पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं। फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों को इतनी खुली छूट कैसे मिल रही है, यह भी जांच का विषय बनता जा रहा है।
जरूरत इस बात की है कि निगम प्रशासन तत्काल सख्त कार्रवाई करते हुए फुटपाथों से अतिक्रमण हटाए और सभी व्यापारियों को निर्धारित वेंडिंग जोन में ही दुकान लगाने के लिए बाध्य करे। तभी बुधवारी बाजार क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुधारा जा सकेगा और लाखों की लागत से बनाए गए वेंडिंग जोन का उद्देश्य पूरा हो पाएगा।











