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आस्था का महासंगम: हवन-पूजन के साथ आज जवारा विसर्जन में चैत्र नवरात्रि का भव्य समापन, माँ सर्वमंगला के दरबार में उमड़ा जनसैलाब” 

छत्तीसगढ़/कोरबा :-  आस्था, श्रद्धा और सनातन परंपरा के अद्भुत संगम के बीच चैत्र वासंती नवरात्रि का महापर्व माँ सर्वमंगला देवी मंदिर, दुरपा कोरबा में भव्यता और धार्मिक उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। हवन-पूजन और आज गोधूली बेला में सम्पन्न हुए जवारा विसर्जन के साथ नौ दिवसीय शक्ति उपासना का यह महायज्ञ पूर्ण हुआ।   

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 माँ सर्वमंगला: कोरबा की अधिष्ठात्री शक्ति

माँ सर्वमंगला देवी को कोरबा की अधिष्ठात्री देवी के रूप में पूजा जाता है। “सर्वमंगला” यानी समस्त जगत का मंगल करने वाली—यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि लोक-विश्वास, संस्कृति और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख धाम भी है। नवरात्रि के दौरान यहां विशेष पूजन-अर्चना से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठता है और दूर-दराज से श्रद्धालु माता के दर्शन हेतु पहुंचते हैं।     

हवन-पूजन से गूंजा मंदिर परिसर

चैत्र शुक्ल अष्टमी के अवसर पर मंदिर में विधि-विधान से हवन-पूजन किया गया। मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) सपत्नीक यजमान के रूप में उपस्थित रहे। विद्वान पंडितों और आचार्यों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और अग्निहोत्र के साथ वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। हवन से उठता सात्विक धुआं पूरे परिसर में फैलकर शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता रहा।   

 विश्व कल्याण की विशेष प्रार्थना

हवन-पूजन के दौरान विश्व शांति, मानव कल्याण और समाज में सद्भाव स्थापित करने की कामना की गई।
राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने माता से प्रार्थना करते हुए कहा— “हे माँ सर्वमंगला! समस्त चर-अचर जगत का कल्याण करें, समाज में शांति और प्रेम का विस्तार हो, नारी शक्ति का सम्मान बढ़े और सनातन धर्म की विजय हो।”     

 कन्या पूजन: शक्ति का साक्षात रूप

नवरात्रि समापन पर देवी स्वरूपा कन्याओं का पूजन कर उन्हें छप्पन भोग अर्पित किया गया। कन्याओं के चरण पखारकर उनका आशीर्वाद लिया गया और उन्हें उपहार भेंट किए गए। सनातन परंपरा में कन्या पूजन को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है, जिसे शक्ति आराधना का महत्वपूर्ण अंग माना जाता है।     

 आज जवारा विसर्जन के साथ हुआ समापन

नवमी तिथि की गोधूली बेला में जवारा कलश की पूजा-अर्चना के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई। महिलाएं सिर पर जवारा कलश लेकर ढोल-ताशों की गूंज के बीच पवित्र हसदेव घाट पहुंचीं। वहां पारंपरिक विधि से पूजा-अर्चना कर जवारा कलशों का विसर्जन किया गया। “जय माता दी” के जयकारों से गूंजते वातावरण में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।   

 आस्था और संस्कृति का महापर्व

नौ दिनों तक चला यह नवरात्रि पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, शक्ति साधना और सामाजिक एकता का प्रतीक रहा। माँ सर्वमंगला के दरबार में सम्पन्न यह आयोजन जहां श्रद्धा होती है, वहीं शक्ति का वास होता है।”इसी के साथ कोरबा में चैत्र नवरात्रि का यह पावन पर्व भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ सम्पन्न हुआ, जिसकी दिव्य अनुभूति लंबे समय तक श्रद्धालुओं के मन में बनी रहेगी।       

मां सर्वमंगला के दरबार में पुलिस प्रशासन का सराहनीय सहयोग रहा

मां सर्वमंगला के दरबार में आयोजित चैत्र नवरात्रि के धार्मिक आयोजनों के दौरान पुलिस प्रशासन का सराहनीय सहयोग देखने को मिला। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए पुलिस जवान लगातार मुस्तैद रहे। उनके सहयोग से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ, जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना ।       

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