छत्तीसगढ़/कोरबा :-देह व्यापार की सूचना पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने छापा मार कार्रवाई करते हुए एक अवैध अड्डे का खुलासा किया है। इरीगेशन कॉलोनी से लगे डिंगापुर–रामपुर बस्ती स्थित एक मकान में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की शिकायतों के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की। 
छापेमारी के दौरान मकान के भीतर 3 युवक एवं 6 युवतियां संदिग्ध परिस्थितियों में पाए गए। पुलिस कार्रवाई के दौरान कुछ अन्य लोगों के मौके से फरार होने की भी जानकारी सामने आई है, जिनकी तलाश की जा रही है।
ग्रामीणों एवं मोहल्लेवासियों ने बताया कि उक्त मकान में लंबे समय से लड़के-लड़कियों का लगातार आना-जाना बना रहता था। अक्सर बड़ी-बड़ी गाड़ियां आकर रुकती थीं, जिससे क्षेत्र में संदेह का माहौल बना हुआ था। इन गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा कई बार शिकायत भी की गई थी।
सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि घर से भागकर आईं या प्रेमी के साथ रह रही युवतियों को बहला-फुसलाकर इस मकान तक लाया जाता था और उन्हें निशाना बनाया जा रहा था। हालांकि पुलिस इस पहलू की गहनता से जांच कर रही है।
प्राथमिक जांच में मकान मालकिन की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिसे इस पूरे मामले में प्रमुख आरोपी बनाया गया है। सभी आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल दाखिल किया गया है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि इस तरह की संदिग्ध गतिविधियों से क्षेत्र का सामाजिक माहौल लगातार प्रभावित हो रहा था।
इस संबंध में सीएसपी कोरबा प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि देह व्यापार की सूचना मिलने पर पुलिस द्वारा छापा मार कार्रवाई की गई। इस दौरान तीन युवक एवं छह युवतियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से सभी को जेल भेजा गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।


















