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धान खरीदी केंद्रों पर 15 दिन तक सतत निगरानी के आदेश, कलेक्टर ने एसडीएम-तहसीलदारों को सौंपा मोर्चा, कोचियों पर सख़्ती के आदेश

छत्तीसगढ़/कोरबा :- जिले में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी एवं पूरी तरह नियंत्रित रखने के लिए कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बड़ा फैसला लेते हुए एसडीएम एवं तहसीलदारों को आगामी 15 दिनों तक धान खरीदी केंद्रों पर सतत निगरानी रखने के आदेश दिए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि इस अवधि में किसी भी प्रकार की अनियमितता, अवैध खरीदी या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।   

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कलेक्टर ने धान खरीदी की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि एसडीएम और तहसीलदार प्रतिदिन उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण करें, खरीदी प्रक्रिया, टोकन सत्यापन, गुणवत्ता जांच एवं धान उठाव की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि केवल पात्र एवं मूल किसानों से ही धान की खरीदी हो और कोचियों के माध्यम से हो रही अवैध खरीदी पर पूर्णतः रोक लगाई जाए।

उन्होंने बताया कि जिले के सभी 65 उपार्जन केंद्रों में पटवारियों की तैनाती की जा चुकी है, जो 31 जनवरी 2026 तक केंद्रों में रहकर नोडल अधिकारियों के साथ मिलकर भौतिक सत्यापन करेंगे। 31 जनवरी तक कटे सभी टोकनों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों द्वारा लाया गया धान सीधे बोरी में न भरें, बल्कि पहले ढेरी लगाकर साफ-सफाई एवं नमी की जांच के बाद ही बोरी में भरें। धान उठाव के दौरान मिलर्स के वाहनों की एंट्री-एग्जिट पर फोटो लेकर रिकॉर्ड दर्ज किया जाए और उठाव की प्रक्रिया केवल दिन में ही हो।

स्टैकिंग के दौरान बोरों की रैंडम तौल एवं गुणवत्ता परीक्षण अनिवार्य करने के साथ ही खराब गुणवत्ता का धान स्वीकार नहीं करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि यदि कोई किसान किसी अन्य व्यक्ति का धान लेकर आता है, तो जांच कर धान जप्त कर नियमानुसार प्रकरण दर्ज किया जाए।

बैठक में अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, ओंकार यादव, सभी एसडीएम, खाद्य अधिकारी घनश्याम कँवर, उप पंजीयक सहकारिता एम.आर. ध्रुव, नोडल कोऑपरेटिव बैंक एस.के. जोशी, डीएमओ ऋतुराज देवांगन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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