2 साल पहले लगी टंकी से अब तक नहीं हो सकी पानी सप्लाई अब सीएम के आने पर सुधारा जा रहा, कोरबा जिले में शासन की योजनाएं कागजों पर चल रही, अधिकारी शासन की योजनाओं को लगा रहे पलीता, गेट मुलाकात में भारी शिकायतों के आने की उम्मीद
छत्तीसगढ़/कोरबा :- कोरबा जिले में शासन द्वारा चलाई जा रही शासकीय योजनाओं का बुरा हाल है यह योजनाएं केवल कागजों पर चलती फिरती दिखाई देती है हां अगर किसी नेता के दौरे की सूचना मिले तो यह योजनाएं धरातल से उतर कर सड़कों पर लेट जाती हैं, अधिकारी ठेकेदारों से मिलीभगत कर शासन की योजनाओं का पलीता लगाने में तुले हैं जहां एक और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शासन की योजनाओं का बखान करते हुए छत्तीसगढ़ का भ्रमण कर रहे हैं वही इन्हीं के अधिकारी शासन की योजनाओं पर पानी फेरते हुए नजर आ रहे हैं जिससे लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है और क्षेत्र की जनता मुख्यमंत्री से भ्रष्टाचार की शिकायतों का जखीरा पेश करने की योजना बना रही है
जी हां हम बात कर रहे हैं कोरबा जिले की जहां रंजना ग्राम पंचायत में 17 जनवरी को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लोगों से भेंट मुलाकात करेंगे जहां प्रशासन की ओर से पूरी तैयारियां लगभग पूर्ण कर ली गई है सड़कें चमक गई है हितग्राहियों को खोज खोज कर जरूरतमंदों को शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है जिससे मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में लोगों की नाराजगी देखने को ना मिले, लेकिन जब हमने गांव में थोड़ा सा भ्रमण किया तो पता चला यहां नल जल योजना पूरी तरह फ्लॉप है एक मोहल्ले में जब से नल जल योजना के तहत टंकी लगाई गई है लोगों के घर तक पाइप बिछाकर नल कनेक्शन दिए गए हैं लेकिन आज तक उन नलों से एक बूंद पानी तक नहीं टपका है ग्रामीणों ने बताया कि जब से यह टंकी लगाई गई है तब से हरदम बिगड़ती ही रहती है जिससे आज तक ग्रामीणों के घर पानी नहीं पहुंच पाया है विगत 1 वर्ष से यह बिगड़ी हुई थी जिसे सुधारा नहीं जा सका था लेकिन अब मुख्यमंत्री के आगमन के पहले यह सुधारा जा रहा है यहां की सरपंच भी ध्यान नहीं देती है ।
बता दें कि नल जल योजना सहित विभिन्न योजनाओं में शासन द्वारा करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं लेकिन उनका धरातल में कितना पालन होता है यह किसी से छुपा नहीं है, यही कारण है कि हर मंगलवार को कलेक्ट्रेट जनदर्शन में फरियादियों की भारी भीड़ देखी जाती है, जिले में अरबों रुपए का डीएमएफ फंड है जिसमें अधिकारी मनमानी पूर्वक खर्च करते हैं जहां पुरानी बिल्डिंगों में टाइल्स लगाकर नया बिल्डिंग बना देते हैं, एक तरह से देखा जाए तो डीएमएफ फंड का पूरी तरह दुरुपयोग जिले में हो रहा है समय-समय पर डीएमएफ फंड के दुरुपयोग की शिकायतें भी होती रहती है पूर्व में ननकीराम कंवर ने डीएमएफ फंड में भारी भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया था ।












