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नगर निगम के अधिकारियों के मौखिक आदेश पर नियम विरुद्ध राताखार हसदेव नदी के किनारे पावर प्लांट की राख भारी मात्रा में फेंकी जा रही

छत्तीसगढ़/कोरबा :- कोरबा नगर निगम द्वारा पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है, मामला कोरबा जिला से लगे शहर राताखार से सर्वमंगला पुल के बीच का है हसदेव नदी के किनारे कोरबा नहर पालिक निगम का एक छोटा सा भवन बना हुआ है,जहां बड़ी मात्रा में गलत ढंग से पॉवर प्लांट से निकलने वाले राखड़ को डाला जा रहा है, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश मंत्री दिलीप मिरी द्वारा एक ड्राइवर से पूछताछ किया गया जिसमें उनके द्वारा कहा गया कि नगर निगम के अधिकारियों के कहने से यह हो रहा है, हमने इस संबंध में पर्यावरण विभाग से जानकारी मांगी तो पर्यावरण विभाग का कहना है,नगर निगम का राखड़ पाटने हेतु आवेदन आया है,लेकिन अभी तक अनुमति नहीं गयी है, जबकि आपको बता देना चाहेंगे कि नियम यह है कि बड़े नदी व जलाशय से 500 मीटर दूरी में राखड़ पाटा जा सकते है,लेकिन जहां बाढ़ आने की संभावना है वहां राखड़ पटना पूरी तरफ प्रतिबंध है, लेकिन नियम द्वारा गैरकानूनी तरीके से यह कृत्य किया जा रहा है,आने वाले समय में क्षेत्रवासियों को भारी प्रदूषण का सामना करना पड़ेगा।और इसका भुगतना पुरे प्रदेश वासियों को पड़ेगा क्योंकि बरसात के समय राखड़ हसदेव नदी में जायेगा और जो जो इस नदी के पानी का उपयोग अपने निस्तारी के लिए करते है,उन सभी को नुकसान होगा।

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