कई गांवों के किसानों को अब नजदीक में मिलेगी धान बेचने की सुविधा, परिवहन खर्च और समय की होगी बचत
छत्तीसगढ़/कोरबा :- खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 एवं आगामी वर्षों में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कोरबा जिले में 8 नए धान उपार्जन केंद्र खोलने की अनुमति दी गई है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक द्वारा भेजी गई सूची के अनुसार इन केंद्रों के नाम और उनसे जुड़े गांवों का निर्धारण किया गया है। नए केंद्र शुरू होने से संबंधित गांवों के किसानों को नजदीक में ही धान बेचने की सुविधा मिलेगी।
नवापारा (सि.) धान खरीदी केंद्र से नवापारा, पाल ढुरेना, कोठीखर्रा, सरपता, सिमगा, गड़रा, जामकछार और घोंसरा गांव के किसान जुड़ेंगे। परला केंद्र में कापनपारा, धुवापुर, चोटिया, परला, बनिया, भुजंगकछार, मड़ई, लमना, लाद, लालपुर और हड़मोरा गांव शामिल किए गए हैं। वहीं परसदा केंद्र से परसदा, बापापुती और शिवपुर के किसान लाभान्वित होंगे।
इसी तरह डोडकी केंद्र में टाड़पखना, डोडकी, नवापारा, नानबांका, बहनाईपुर, बड़ेबांका, मदनपुर, सगुना, भोंडकछार, भेलवाटिकरा और पटपरा गांव शामिल हैं। ढोलपुर केंद्र से जोरहाडबरी, खमरिया, ढोलपुर और पथरी गांव के किसान जुड़े रहेंगे। पुरेना केंद्र से पुरेना, खरहरी और जर्वे गांव के किसानों को सुविधा मिलेगी।
इसके अलावा चोड़ा केंद्र से चोड़ा, अंडीकछार और रामपुर तथा मुड़ाली केंद्र से मुड़ाली और कटसीरा गांव के किसान धान का विक्रय कर सकेंगे।
नए धान खरीदी केंद्र खुलने से किसानों को दूरस्थ केंद्रों तक धान ले जाने की परेशानी से राहत मिलेगी। इससे आवागमन में लगने वाला समय और परिवहन खर्च कम होगा। साथ ही नजदीकी केंद्र उपलब्ध होने से धान विक्रय की प्रक्रिया आसान होगी और खरीदी केंद्रों पर किसानों की भीड़ का दबाव भी कम करने में मदद मिलेगी।












