योग, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति जागरूकता का दिया संदेश
छत्तीसगढ़/कोरबा:- विश्व सद्भावना भवन, टी.पी. नगर, कोरबा में अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस एवं हरियाली पर्व के अवसर पर प्रेरणादायी एवं जागरूकतापूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को सकारात्मक सोच, स्वस्थ जीवनशैली, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण तथा आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पंचकर्म चिकित्सालय कोरबा की डॉ. मनीषा सिंह तथा योग प्रशिक्षक एवं समाजसेवी रश्मि शर्मा बहन उपस्थित रहीं। इस अवसर पर बीके रुक्मणी दीदी एवं बीके बिंदु दीदी की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों का स्वागत तिलक लगाकर एवं पौधा भेंट कर किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रेरणादायी प्रस्तुतियों से हुई। बीके वीरेश भाई ने मधुर गीत के माध्यम से आध्यात्मिक एवं सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दिया। बीके सृष्टि ने युवा शक्ति पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि बीके कमल ने नशामुक्ति पर आधारित नृत्य के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवन अपनाने का संदेश दिया। बीके सूरज ने युवा शक्ति पर प्रेरणादायी गीत प्रस्तुत कर युवाओं में उत्साह का संचार किया।
स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही सफलता की आधारशिला
मुख्य अतिथि डॉ. मनीषा सिंह ने कहा कि युवा अवस्था जीवन का महत्वपूर्ण समय है। इस दौरान युवाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने संतुलित जीवनशैली, प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही व्यक्ति को जीवन में आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करते हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी दिनचर्या में अच्छे संस्कार एवं स्वास्थ्यवर्धक आदतों को शामिल करने का आह्वान किया।
योग प्रशिक्षक रश्मि शर्मा बहन ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और विचारों में संतुलन स्थापित करने का माध्यम है। उन्होंने युवाओं को नियमित योग एवं ध्यान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक विचारों के साथ युवा अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाकर समाज में महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकते हैं।
युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा देने पर जोर
बीके बिंदु दीदी ने अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। युवाओं में ऊर्जा, उत्साह, प्रतिभा और कुछ नया करने की क्षमता होती है। यदि इस ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी जाए तो युवा परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने युवाओं को श्रेष्ठ संस्कार, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच एवं आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
बीके रुक्मणी दीदी ने कहा कि जीवन में सफलता केवल बाहरी उपलब्धियों से नहीं, बल्कि श्रेष्ठ चरित्र और अच्छे संस्कारों से प्राप्त होती है। उन्होंने युवाओं को अपनी आंतरिक शक्ति पहचानने और सकारात्मक लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा नशे एवं नकारात्मक आदतों से दूर रहकर अपने समय और ऊर्जा का सदुपयोग करें तो वे समाज में परिवर्तन के वाहक बन सकते हैं।
प्रश्नोत्तर सत्र और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम में प्रश्नोत्तर सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। युवाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर पूछे गए प्रश्नों के अतिथियों एवं बहनों ने सरल एवं प्रेरणादायी ढंग से उत्तर दिए।
हरियाली पर्व के अवसर पर पौधा भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने प्रकृति के संरक्षण तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी अतिथियों को ईश्वरीय सौगात भेंट कर सम्मानित किया गया तथा प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम सकारात्मक संदेश एवं मंगल भावनाओं के साथ संपन्न हुआ। उपस्थित लोगों ने युवा शक्ति, योग, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण एवं आध्यात्मिक जीवन के संदेश को अपनाने का संकल्प लिया।












