छत्तीसगढ़/कोरबा :- कोरबा जिले को अन्य जिलों से जोड़ने वाली नराईबोध-भठोरा मुख्य मार्ग पर एसईसीएल (SECL) द्वारा कोयला खदान विस्तार के लिए खनन कार्य शुरू करने के खिलाफ प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने जबरदस्त और अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है ग्रामीण, एसईसीएल, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के बावजूद, मुख्य सड़क को खोदने का पुरजोर विरोध कर रहे हैं ।
ग्रामीणों का कहना है कि एसईसीएल द्वारा पूर्व में बनाई गई वैकल्पिक सड़कें गुणवत्ताहीन और बेहद खराब हैं, जो चार दिन में ही उखड़कर खत्म हो जाएंगी उन्होंने मांग की है कि खनन कार्य शुरू करने से पहले उच्च गुणवत्ता वाली स्थायी सड़क का निर्माण किया जाए । विरोध का मुख्य कारण सिर्फ सड़क ही नहीं है, बल्कि विस्थापन से जुड़ी गंभीर और अनसुलझी समस्याएं भी हैं ग्रामीणों का आरोप है कि रोजगार, मुआवजा, बसाहट और मुआवजे में कटौती जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर एसईसीएल ने अभी तक कोई संतोषजनक समाधान नहीं किया है । ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है पहले हमारी विस्थापन से जुड़ी सभी समस्याओं का निराकरण कर हल किया जाए और मुआवजे में कटौती को तुरंत बंद किया जाए उसके बाद ही खनन कार्य को विस्तार दिया जाए । प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं उनका आरोप है कि दोनों ही प्रशासन एसईसीएल का साथ दे रहे हैं और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करने में नाकाम हो रहे है ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन को पहले उनकी मांगों को सुनना और हल करना चाहिए, न कि सीधे खनन कंपनी का पक्ष लेना चाहिए ।
इस विरोध प्रदर्शन के कारण मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित हो सकता है ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता और विस्थापन से जुड़ी समस्याओं का स्थाई निराकरण नहीं होता, उनका धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा । सांसद प्रतिनिधि कुलदीप राठौर ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया है कि वे जिस तरह एसईसीएल (SECL) का सहयोग कर रहे हैं, वह घोर आपत्तिजनक है हमारा यह साफ मानना है कि प्रशासन का पहला और परम दायित्व क्षेत्र के आम ग्रामीणों की मूलभूत समस्याओं का त्वरित और प्रभावी निराकरण होना चाहिए जब तक ये समस्याएं हल नहीं होतीं, तब तक प्रशासन को खदान विस्तार में एसईसीएल को किसी भी प्रकार का सहयोग तत्काल प्रभाव से बंद कर देना चाहिए ।
एसईसीएल द्वारा मुख्य मार्ग को खनन करके आम जनमानस की आवाजाही को बाधित करने की जो कोशिश की जा रही है, वह जनता के अधिकारों का खुला हनन है हम इस जनविरोधी कदम की कड़े शब्दों में निंदा और भर्त्सना करते हैं यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा । हम एसईसीएल और प्रशासन को चेतावनी देते हैं कि यदि उन्होंने अपनी कार्यशैली नहीं बदली और जनता की समस्याओं को अनदेखा किया, तो आने वाले दिनों में हम क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर इसका कड़ा और व्यापक विरोध करेंगे जनहित से समझौता नहीं होगा ।
















