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भंडारण के आड़ में रेत के अवैध कारोबार पर लगी पोकलेन मशीन को ग्रामीणों पकड़कर किया प्रशासन के हवाले, बौखलाया रेत तस्कर, रेत तस्करी में लगे अन्य ट्रैक्टरों पर कार्यवाही का बना रहा दबाव, देता है मंत्रियों से ऊंची पहुंच का हवाला

छत्तीसगढ़/कोरबा :- कोरबा जिले में प्रशासन से छुपकर रेत भंडारण के आड़ में रात को पोकलेन मशीन के द्वारा रेत तस्करी किस प्रकार की जा रही है इसका ताजा उदाहरण कुछ दिन पूर्व पोंंडी उपरोड़ा क्षेत्र में देखने को मिला जहां बांगो क्षेत्र में रात के अंधेरे में रेत तस्कर अक्षय गर्ग द्वारा नदी में पोकलेन मशीन के द्वारा रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा था और उसे लाइसेंसी भंडारण स्थल पर डंप किया जा रहा था ग्रामीणों के बार-बार समझाइस के बाद जब रेत तस्कर नहीं माना तो ग्रामीणों ने रात के अंधेरे में नदी में लगी पोकलेन मशीन को घेर लिया और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित किया मौके पर पहुंचे प्रशासन के अधिकारियों ने पोकलेन मशीन की जप्ती बनाते हुए बांगो थाना में खड़ा किया गया है, वही इस कार्यवाही से बौखलाए रेत तस्कर ने क्षेत्र में चल रहे रेत तस्करी में अन्य ट्रैक्टरों को भी जप्ती करने के लिए दबाव बनाने की कोशिश करते हुए एक ट्रैक्टर के सामने बैठकर हंगामा किया और उल्टा प्रशासन को ही दोषी ठहराते हुए भेदभाव पूर्ण कार्यवाही बताया,

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एक कहावत तो आपने सुनी होगी उल्टा चोर कोतवाल को डांटे जबकि विगत कई महीनो से लगातार समय-समय पर नदी में पोकलेन मशीन से इस तस्कर के द्वारा रेत की तस्करी के मामले मीडिया में आते रहे हैं लेकिन अच्छी पहुंच और पकड़ के चलते रेत तस्कर अपनी पोकलेन मशीन को बचाने में कामयाब हो जाता था लेकिन इस बार ग्रामीणों द्वारा रेत तस्करी में नदी के बीच पकड़ी गई पोकलेन मशीन तस्कर के गले की फांस बन गई है हालांकि तस्कर द्वारा रविवार को कलेक्ट्रेट के चक्कर लगाते हुए देखा गया है जहां एक कार्यक्रम में पहुंचे मंत्री के PA से शोर्श सिफारिश करते देखा गया है, ग्रामीणों ने बताया कि यह रेत तस्कर अपने आप को भाजपा का नेता बताता है और मंत्रियों से लेकर ऊपर तक की पहुंच का हवाला देता है शायद यही कारण है कि इसके अवैध कार्य में कोई भी अधिकारी हाथ डालने से बचता आ रहा है, लेकिन अब जबकि ग्रामीणों द्वारा पोकलेन मशीन मौके पर बरामद की गई है इसके गवाह पूरे गांव के लोग हैं जो रेत तस्कर के गले की फांस बन गई है, वहीं अधिकारियों पर भी ग्रामीणों द्वारा कानून का पालन करने का भारी दबाव बना हुआ है जबकि रेत तस्कर अपनी ऊंची पहुंच के ताकत की जोर आजमाइश कर रहा है, इधर अधिकारी कानून का पालन करने के बीच ग्रामीणों और अपने उच्च अधिकारियों के दबाव के बीच में अटके हुए हैं, अब देखना होगा की प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद लोगों को किस प्रकार न्याय मिल पाता है, या फिर पूर्ववर्ती सरकार की भांति आंख मूंद कर जानबूझकर सब कुछ जायज ठहराया जाता है ।

आपको बता दें कि पर्यावरणीय करणों के कारण 10 जून से 15 अक्टूबर तक सभी रेत घटों में खनन पर रोक लगाया गया है बावजूद इसके भंडारण लाइसेंस की आड़ में रेत तस्कर रात के अंधेरे में नदियों से पोकलेन मशीन और जेसीबी मशीन लगाकर रेत का अवैध उत्खनन कर रहे हैं और रात को सैकड़ो ट्रैक्टर के माध्यम से लाइसेंसी रेत भंडारण में अवैध रेत को डंप कर प्रशासन के आंख में धूल झोंकते हुए दिन के उजाले में भंडारण के आड़ में खुलेआम रेत को वैध बताते हुए अवैध कारोबार कर रहे हैं जिस पर प्रशासन को संज्ञान लेते हुए सभी भंडारण स्थलों का निरीक्षण करते हुए भंडारण की गई रेत की जानकारी लेकर प्रशासन को रेत तस्करी पर रोक लगाने की जरूरत है ।

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